बॉलीवुड की दमदार अदाकारा हुमा कुरैशी आज 40 साल की हो गई हैं। अपनी शानदार फिल्मों और बेहतरीन अभिनय के दम पर बड़े पर्दे पर खास पहचान बनाने वाली हुमा ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों का दिल जीता है। अ
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी आज अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और अलग-अलग तरह के किरदारों के लिए पहचानी जाने वाली हुमा ने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ ओटीटी की दुनिया में भी मजबूत पहचान बनाई है। बड़े पर्दे पर प्रभावशाली भूमिकाएं निभाने से लेकर लोकप्रिय वेब सीरीज में मुख्य किरदार तक, उनका करियर लगातार नए आयाम हासिल करता रहा है।
फिल्मों में आने से पहले हुमा कुरैशी ने विज्ञापन जगत में काम किया था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत से पहले ही बॉलीवुड के दिग्गज सितारों आमिर खान और शाहरुख खान के साथ विज्ञापनों में स्क्रीन साझा की थी। बाद में निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने उन्हें हिंदी फिल्म उद्योग में एक अलग पहचान दिलाई।
दिल्ली में जन्म और थिएटर से अभिनय की शुरुआत
हुमा कुरैशी का जन्म 28 जुलाई 1986 को नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज से इतिहास विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही उनकी रुचि अभिनय की ओर बढ़ने लगी और उन्होंने थिएटर से जुड़कर मंच पर काम करना शुरू किया। थिएटर ने हुमा को अभिनय की बारीकियां समझने और कैमरे के सामने आत्मविश्वास विकसित करने में मदद की। अभिनय को पेशे के रूप में अपनाने का फैसला करने के बाद वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई चली गईं।
22 साल की उम्र में मुंबई पहुंचीं, कई ऑडिशन दिए
साल 2008 में हुमा कुरैशी मुंबई आईं। उस समय उनकी उम्र 22 वर्ष थी और वह फिल्मों में अवसर तलाश रही थीं। शुरुआती दौर में उन्होंने कई परियोजनाओं के लिए ऑडिशन दिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने ‘जंक्शन’ नाम की एक फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था और उनका चयन भी हो गया था। हालांकि, यह फिल्म बाद में बन नहीं सकी।
फिल्मी करियर की शुरुआत से पहले हुमा ने विज्ञापनों में काम करके अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने आमिर खान के साथ एक मोबाइल फोन ब्रांड के विज्ञापन में काम किया था। इसके अलावा, वह शाहरुख खान के साथ एक पेंट ब्रांड के विज्ञापन में भी नजर आई थीं। हालांकि हुमा ने अब तक आमिर खान या शाहरुख खान के साथ किसी फीचर फिल्म में काम नहीं किया है, लेकिन विज्ञापन जगत में दोनों सुपरस्टार्स के साथ उनका शुरुआती अनुभव उनके करियर का दिलचस्प हिस्सा रहा है।

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मिली बड़ी पहचान
हुमा कुरैशी के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से आया। एक विज्ञापन शूट के दौरान हुमा के काम की जानकारी अनुराग कश्यप तक पहुंची। इसके बाद उन्होंने अभिनेत्री को अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म के लिए चुना। साल 2012 में रिलीज हुई ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ को दर्शकों और समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली। फिल्म में हुमा का किरदार अपेक्षाकृत सीमित था, लेकिन उनके अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इस फिल्म ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक मजबूत शुरुआत दी और आगे बड़े अवसरों का रास्ता खोला।
इसके बाद हुमा ने ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘एक थी डायन’, ‘डी-डे’, ‘जॉली एलएलबी 2’, ‘डेढ़ इश्किया’, ‘बदलापुर’ और ‘काला’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने मुख्यधारा की फिल्मों के साथ प्रयोगधर्मी और कहानी-केंद्रित प्रोजेक्ट्स में भी काम किया।
ओटीटी की दुनिया में भी बनाई खास जगह
हुमा कुरैशी ने डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते दौर में भी अपनी प्रतिभा साबित की। वेब सीरीज ‘लीला’ में उनके अभिनय को सराहा गया, जबकि राजनीतिक ड्रामा ‘महारानी’ ने उन्हें ओटीटी दर्शकों के बीच नई लोकप्रियता दिलाई। ‘महारानी’ में हुमा ने रानी भारती का किरदार निभाया, जो एक साधारण महिला से राजनीति की प्रभावशाली शख्सियत बनने तक का सफर तय करती है।
इस भूमिका में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। सीरीज के कई सीजन आ चुके हैं और यह उनके सबसे चर्चित डिजिटल प्रोजेक्ट्स में शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय फिल्मों तक पहुंचा करियर
हुमा कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह हॉलीवुड फिल्म ‘Army of the Dead’ में नजर आईं। इस प्रोजेक्ट ने उन्हें वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर दिया और भारतीय कलाकारों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को भी दर्शाया। अपने करियर के दौरान हुमा ने लगातार ऐसे किरदार चुने हैं, जिनमें अभिनय की विविधता दिखाने की गुंजाइश रही। थिएटर से शुरुआत, विज्ञापनों में काम और फिर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मिली पहचान के बाद उन्होंने फिल्मों और ओटीटी दोनों में अपनी अलग जगह बनाई।











