इजराइल ने कथित रूप से ईरान के BadeSaba Calendar ऐप को हैक कर लाखों यूजर्स तक पुश नोटिफिकेशन भेजे, जिनमें सुरक्षा बलों से हथियार डालने और शासन से अलग होने की अपील थी। यह साइबर ऑपरेशन केवल तकनीकी हमला नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक जंग का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और जनसांख्यिकीय मनोबल प्रभावित हो सकता है।
Iran-Israel Cyber Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल ने कथित रूप से ईरान के लोकप्रिय BadeSaba Calendar ऐप को हैक कर लाखों यूजर्स तक संदेश भेजे। इन नोटिफिकेशन में ईरानी सेना और सुरक्षा बलों से हथियार डालने या आजादी की मुहिम में शामिल होने की अपील की गई। यह घटना शनिवार तड़के हुई और इसे आधुनिक युद्ध में सूचना और साइबर रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था का मनोबल कमजोर करना हो सकता है।
बड़े पैमाने पर अलर्ट भेजा गया
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने ईरान में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले BadeSaba Calendar ऐप को कथित रूप से हैक कर लाखों लोगों तक पुश नोटिफिकेशन भेजे। इन संदेशों में ईरानी सेना और सुरक्षा बलों से हथियार डालने या देश की आजादी की मुहिम में शामिल होने की अपील की गई। यह घटना क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और तनाव के बीच हुई, जिससे मनोवैज्ञानिक और सूचना युद्ध की रणनीति की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऑपरेशन सिर्फ तकनीकी हमला नहीं बल्कि ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और जनसांख्यिकीय मनोबल को कमजोर करने का प्रयास भी हो सकता है। नोटिफिकेशन में लोगों को सुरक्षा और माफी की गारंटी के साथ दमनकारी ताकतों से निपटने की अपील की गई।

BadeSaba Calendar ऐप पर हमला
BadeSaba Calendar ईरान में रोजाना नमाज के समय और धार्मिक कैलेंडर देखने के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। अचानक भेजे गए अलर्ट्स ने यूजर्स में भ्रम और डर पैदा किया। ऐप के माध्यम से यह साइबर हमला सूचना और मनोवैज्ञानिक जंग का हिस्सा माना जा रहा है।
ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर विस्तृत बयान नहीं दिया है, जबकि इजराइल की ओर से भी आधिकारिक पुष्टि नहीं आई। इससे पहले ईरान ने अक्सर विदेशी सरकारों पर साइबर हमलों के आरोप लगाए हैं।
मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन भी रणनीतिक हथियार बन गए हैं। इस हमले से साफ हो गया है कि सूचना का नियंत्रण और मनोवैज्ञानिक प्रभाव युद्ध की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
इस घटनाक्रम ने दिखाया कि साइबर और सूचना युद्ध भविष्य में देशों के बीच संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।










