भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस मुकाबले में भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कमजोर नजर आई।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम को साल 2026 की पहली हार का सामना करना पड़ा है। पहले भारतीय बल्लेबाज बड़े स्कोर बनाने में नाकाम रहे और जब गेंदबाजी का दौर आया तो काफी रन लुटाए गए। इस हार के बाद खास तौर पर एक खिलाड़ी सभी के निशाने पर आ गया है। यह खिलाड़ी टी20 इंटरनेशनल से तो रिटायरमेंट ले चुका है, लेकिन वनडे में भी अब उस पर तलवार लटकी हुई नजर आ रही है। दूसरे मैच में मिली इस हार के लिए उसे सबसे बड़ा विलेन माना जा रहा है।
टी20 से लिया था रिटायरमेंट, अब वनडे में भी दबाव
रवींद्र जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। जडेजा के अलावा विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी टी20 क्रिकेट छोड़ दिया। हालांकि, जडेजा ने वनडे और टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखा, लेकिन पिछले दो वनडे मैचों में उनका प्रदर्शन लगातार गिरता नजर आया है।विशेषज्ञों का मानना है कि जडेजा का फिटनेस और फॉर्म अब भारतीय टीम की वनडे योजनाओं के लिए चुनौती बन गया है।
पहले वनडे में, जडेजा ने 9 ओवर गेंदबाजी की और 56 रन खर्च किए, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में उन्होंने केवल 4 रन बनाए और जल्दी आउट हो गए। दूसरे वनडे (राजकोट) में भी स्थिति सुधार नहीं हुई। जडेजा ने 44 गेंदों पर केवल 27 रन बनाए जिसमें एक चौका शामिल था। गेंदबाजी में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन खर्च किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस तरह, न तो बल्ले से और न ही गेंद से जडेजा टीम के लिए योगदान दे पाए। जबकि राजकोट उनका होम ग्राउंड है, यह प्रदर्शन निराशाजनक माना गया।

टीम में विकल्प और चयन की चुनौती
भारतीय टीम में जडेजा की जगह लेने के लिए अक्षर पटेल जैसी प्रतिभाएं तैयार बैठी हैं। वनडे टीम में चयन समिति लगातार जडेजा के प्रदर्शन पर नजर रख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तीसरे वनडे में जडेजा फिर से प्रभावित करने में नाकाम रहते हैं, तो उनका टीम में भविष्य गंभीर सवालों के घेरे में आ सकता है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसी अनुभवी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीम को भरोसा दिया है और संभावना है कि वे साल 2027 का वनडे विश्व कप खेलेंगे, लेकिन जडेजा के लिए यह राह कठिन दिख रही है।











