भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज अब निर्णायक चरण में है। सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाने के बाद टीम इंडिया बुधवार, 17 दिसंबर को इकाना स्टेडियम में सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही पांच मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। सीरीज के चौथे मुकाबले में आज, 17 दिसंबर, दोनों टीमें लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। तीन मैचों के बाद टीम इंडिया 2-1 से आगे है और उसकी नजर इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर होगी। वहीं, साउथ अफ्रीका के लिए यह मैच “करो या मरो” जैसा है, क्योंकि हार उन्हें सीरीज से बाहर कर देगी।
धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 में तेज पिच पर भारत की प्रभावशाली जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। घरेलू परिस्थितियों में भारतीय टीम हमेशा मजबूत रही है और लखनऊ की पिच भी मेजबान टीम के गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है।
इकाना स्टेडियम की पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों के लिए चुनौती, गेंदबाजों का फायदा
लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच अपनी धीमी गति और स्पिन फ्रेंडली स्वभाव के लिए जानी जाती है। यहां की काली मिट्टी वाली सतह पर गेंद अक्सर रुककर आती है और उछाल अपेक्षाकृत कम रहता है। ऐसे में बल्लेबाजों को टाइमिंग में परेशानी होती है, खासकर जब गेंद पुरानी हो जाती है। इस पिच पर स्पिन गेंदबाजों के साथ-साथ वे तेज गेंदबाज भी सफल रहते हैं, जो कटर, स्लोअर बॉल और वैरिएशन का अच्छा इस्तेमाल करते हैं।
आंकड़ों की बात करें तो इकाना स्टेडियम पर 170 रन के आसपास का स्कोर T20 फॉर्मेट में प्रतिस्पर्धी माना जाता है। अब तक यहां खेले गए 9 टी20 मुकाबलों में:
- 5 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती
- पहली पारी का औसत स्कोर: 151 रन
- दूसरी पारी का औसत स्कोर: 126 रन
इन आंकड़ों से साफ है कि लक्ष्य का पीछा करना यहां आसान नहीं होता।

भारतीय टीम की ताकत: दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें
कप्तान सूर्यकुमार यादव के पास लखनऊ की पिच के लिए एक संतुलित गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है। वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसी स्पिन जोड़ी इस पिच पर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। इसके अलावा अर्शदीप सिंह की नई गेंद से स्विंग और हार्दिक पंड्या की ऑलराउंड क्षमता टीम इंडिया को बढ़त दिला सकती है।
अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती ओवरों में एडन मार्करम, क्विंटन डिकॉक और डेवाल्ड ब्रेविस जैसे बल्लेबाजों को काबू में कर लेते हैं, तो दक्षिण अफ्रीका दबाव में आ सकता है। दक्षिण अफ्रीकी टीम के पास डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और मार्को यानसेन जैसे पावर हिटर हैं, जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। हालांकि, धीमी पिच पर उन्हें धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी करनी होगी। स्पिन के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस मुकाबले में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
दोनों टीमों का संभावित स्क्वाड
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, शाहबाज अहमद, जितेश शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा और वाशिंगटन सुंदर।
दक्षिण अफ्रीका: एडन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रीजा हेंड्रिक्स, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, डोनोवन फरेरा, मार्को यानसेन, लुंगी एनगिडी, एनरिक नोर्किया, केशव महाराज, जॉर्ज लिंडे, लूथो सिपाम्ला, ओटनील बार्टमैन और कोर्बिन बॉश।










