भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। भारत पहला मैच जीतकर 1-0 से आगे है। शुभमन गिल 3,000 टेस्ट रन पूरे करने से सात रन दूर हैं, जबकि सारांश जैन के डेब्यू पर नजर है।
IND vs SL 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर खेला जाएगा। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने 165 रन से शानदार जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी। अब भारतीय टीम की नजर दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर सीरीज 2-0 से अपने नाम करने पर होगी।
भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कई खिलाड़ियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी दांव पर हैं। कप्तान शुभमन गिल, अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर खास नजर रहेगी। वहीं, टीम मैनेजमेंट के सामने तीसरे स्पिनर के चयन को लेकर भी अहम फैसला होगा।
शुभमन गिल के पास दो बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का मौका
भारतीय कप्तान शुभमन गिल दूसरे टेस्ट में मैदान पर उतरते ही रिकॉर्ड बुक में जगह बनाने की स्थिति में होंगे। गिल के नाम फिलहाल टेस्ट क्रिकेट में 2,993 रन दर्ज हैं। ऐसे में वह केवल सात रन बनाते ही टेस्ट क्रिकेट में अपने 3,000 रन पूरे कर लेंगे।
इसके अलावा गिल के नाम टेस्ट क्रिकेट में 47 छक्के हैं। यदि वह कोलंबो टेस्ट में तीन छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो उनके 50 टेस्ट छक्के भी पूरे हो जाएंगे। कप्तान के लिए ये दोनों उपलब्धियां व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण होंगी और टीम को भी उनके बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
यशस्वी जायसवाल की नजर बड़ी पारी पर
भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल भी दूसरे टेस्ट में अपनी फॉर्म को मजबूत करना चाहेंगे। पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में शतक लगाने के बाद उनकी पिछली आठ टेस्ट पारियों में केवल एक अर्धशतक आया है।
गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में भी जायसवाल बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। वह असिथा फर्नांडो की शॉर्ट गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे कैच आउट हुए। कोलंबो में अभ्यास के दौरान उन्होंने इस कमजोरी पर विशेष काम किया।
नेट्स में श्रीलंकाई शैली की गेंदबाजी का अभ्यास करते हुए तेज गेंदबाजों ने उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें डालकर कट खेलने के लिए उकसाया। हालांकि जायसवाल ने कई गेंदों को छोड़कर धैर्य दिखाया। इससे संकेत मिलता है कि वह दूसरे टेस्ट में अपने शॉट चयन पर अधिक नियंत्रण रखना चाहेंगे।
तीसरे स्पिनर को लेकर भारत के सामने बड़ा सवाल
भारतीय टीम के प्लेइंग-11 में सबसे बड़ा सवाल तीसरे स्पिनर को लेकर है। पहले टेस्ट में कुलदीप यादव ने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की और केवल एक विकेट हासिल किया। वह टीम के सबसे महंगे गेंदबाज भी रहे।
ऐसे में उनके स्थान पर ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाले सारांश ने अभ्यास सत्र में लंबा गेंदबाजी स्पेल किया और कप्तान शुभमन गिल तथा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गेंदबाजी की।
श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए ऑफ स्पिनर टीम के लिए उपयोगी मैच-अप विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि कुलदीप को अंतिम एकादश से बाहर करना तय नहीं माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट पिच की स्थिति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला करेगा।
मानव सुथार और रवींद्र जडेजा पर भी नजर
गॉल टेस्ट भारत के युवा स्पिनर मानव सुथार के लिए शानदार रहा। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पहली पारी में उन्होंने चार और दूसरी पारी में छह विकेट हासिल किए।
कोलंबो की पिच पर भी मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है। ऐसे में सुथार और रवींद्र जडेजा भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जडेजा के पास भी व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का मौका है। वह टेस्ट क्रिकेट में 399 चौके लगा चुके हैं। एक और चौका लगाते ही उनके 400 टेस्ट चौके पूरे हो जाएंगे। इसके अलावा जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 49 कैच लिए हैं। एक कैच और लेते ही वह 50 टेस्ट कैच पूरे कर लेंगे।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत को फायदा
गॉल टेस्ट में जीत के बाद भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में 53.33 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। यदि भारतीय टीम कोलंबो टेस्ट जीतकर सीरीज 2-0 से क्लीन स्वीप करती है, तो उसका पॉइंट्स प्रतिशत बढ़कर लगभग 57.58 तक पहुंच सकता है।
इस जीत से भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचने का मौका मिल सकता है। इसलिए कोलंबो टेस्ट भारत के लिए सीरीज जीत के साथ-साथ भविष्य की टेस्ट चैंपियनशिप दौड़ के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
श्रीलंका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड मजबूत
भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 47 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 23 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सात मुकाबलों में सफलता मिली है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं।
गॉल में 165 रन की जीत के बाद भारत का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। हालांकि घरेलू परिस्थितियों में खेलने वाली श्रीलंकाई टीम दूसरे टेस्ट में वापसी करने की कोशिश करेगी।
SSC की पिच पर स्पिनर्स को मिल सकता है फायदा
कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर मुकाबले की शुरुआत में बल्लेबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। गेंद के बल्ले पर अच्छी तरह आने की स्थिति में पहली पारी में बड़ा स्कोर बन सकता है।
हालांकि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा और पिच सूखेगी, स्पिन गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं। पिछले तीन टेस्ट मुकाबलों में इस मैदान पर स्पिनर्स ने 45 विकेट हासिल किए हैं, जो तेज गेंदबाजों से 10 अधिक हैं।
ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला कर सकती है। भारत का इस मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट रिकॉर्ड भी प्रतिस्पर्धी रहा है। भारतीय टीम ने यहां तीन मैच जीते हैं और श्रीलंका ने दो मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि चार मैच ड्रॉ रहे हैं।
श्रीलंका ने टीम में किए बदलाव
दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अपनी टीम में कुछ बदलाव किए हैं। कामिल मिशारा को निशान मधुशंका की जगह ओपनिंग का मौका मिलने की संभावना है। वहीं सहान अराचिगे को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने भारत-A के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट में 72 और 127 रन की पारियां खेली थीं।
श्रीलंकाई टीम को कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस से भी जूझना पड़ रहा है। पथुम निसांका और कुसल मेंडिस की फिटनेस पर नजर रहेगी, जबकि दिनेश चांदीमल पहले टेस्ट में कन्कशन के बाद दूसरे मुकाबले से बाहर हैं।
भारत के सामने सीरीज जीतने की चुनौती
भारत के पास कोलंबो में जीत दर्ज कर सीरीज 2-0 से अपने नाम करने का मौका है। कप्तान शुभमन गिल के रिकॉर्ड, यशस्वी जायसवाल की फॉर्म, तीसरे स्पिनर का चयन और श्रीलंका की वापसी की कोशिश इस मुकाबले को खास बना रही है।
पहले टेस्ट में मिली जीत के बावजूद भारतीय टीम श्रीलंका को हल्के में नहीं लेना चाहेगी। कोलंबो की परिस्थितियां जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिनर्स के लिए चुनौतीपूर्ण और बल्लेबाजों के लिए कठिन हो सकती हैं। ऐसे में भारत की बल्लेबाजी की गहराई और स्पिन आक्रमण मैच का रुख तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।












