INDIA गठबंधन का SIR के खिलाफ आंदोलन तेज करने का प्लान, जंतर-मंतर से रामलीला मैदान तक करेंगे प्रदर्शन

INDIA Alliance Protest Against SIR: INDIA गठबंधन चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। विपक्ष जंतर-मंतर से रामलीला मैदान तक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष सड़क से लेकर अदालत तक अपनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी कर रहा है। मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विरोध के बीच विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. इसे साझा अभियान का रूप देने की रणनीति बना रहा है।

INDIA Alliance Protest Against SIR: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में INDIA गठबंधन के नेताओं, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में जंतर-मंतर पर साझा प्रदर्शन आयोजित करने, नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने और उससे पहले मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने के सुझाव सामने आए। 

विपक्ष कानूनी प्रक्रिया के साथ जन आंदोलन जारी रखकर मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस में बनाए रखना चाहता है।

सड़क से अदालत तक संघर्ष जारी रखने की तैयारी

विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों और कथित अनियमितताओं से जुड़े सवालों को उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से INDIA गठबंधन साझा आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहा है। राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। चर्चा का प्रमुख विषय अलग-अलग संगठनों के विरोध प्रदर्शनों को एक साझा अभियान में बदलना था, ताकि आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल सके।

विपक्ष की रणनीति में अदालत के माध्यम से कानूनी चुनौती देने और सार्वजनिक प्रदर्शनों के जरिए राजनीतिक दबाव बनाने, दोनों पर जोर दिया गया। हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रमों की अंतिम तारीखों और विस्तृत आयोजन को लेकर अभी औपचारिक घोषणाओं का इंतजार है।

राहुल गांधी ने 24 घंटे के नोटिस पर जुटने को कहा

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने नेताओं और संगठनों से जरूरत पड़ने पर 24 घंटे के नोटिस पर एकजुट होने के लिए तैयार रहने की अपील की। इसका उद्देश्य आंदोलन के अलग-अलग हिस्सों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और जरूरत के समय त्वरित प्रतिक्रिया देना बताया गया। विपक्षी दल SIR के साथ-साथ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही से संबंधित मुद्दों को भी उठाना चाहते हैं। उनका मानना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के अवसर और उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई। विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार से जोड़ते हुए साझा मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शामिल नेताओं के मुताबिक, आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को साथ लाने की कोशिश की जा रही है।

INDIA गठबंधन का SIR के खिलाफ आंदोलन तेज करने का प्लान, जंतर-मंतर से रामलीला मैदान तक करेंगे प्रदर्शन

नवंबर में रामलीला मैदान में रैली का प्रस्ताव

INDIA गठबंधन की बैठक में नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने का सुझाव दिया गया। प्रस्तावित रैली का उद्देश्य SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की एकजुटता प्रदर्शित करना है। रैली से पहले मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने का विचार भी सामने आया। इसके जरिए मतदाता सूची में बदलाव, चुनावी प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा करने की योजना सुझाई गई।

मॉक पार्लियामेंट में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसी प्रतीकात्मक कार्यवाही का विचार भी रखा गया है। हालांकि, यह फिलहाल एक सुझाव है। इसे अंतिम कार्यक्रम या किसी औपचारिक संसदीय प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बैठक में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले लोगों को प्रस्तावित रैली में शामिल करने पर भी विचार किया गया। विपक्षी दलों का मानना है कि प्रभावित नागरिकों की बात सामने आने से इस मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा को व्यापक बनाया जा सकता है।

तेजस्वी यादव और डी. राजा समेत नेताओं ने जताई चिंता

बैठक में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा सहित विभिन्न नेताओं ने आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। CPI (ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े संघर्ष को जारी रखने की बात कही।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने भी आंदोलन जारी रखने का समर्थन किया। विपक्षी दलों की कोशिश है कि अलग-अलग राज्यों में उठाए जा रहे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर एक साझा मंच दिया जाए।

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