भारत में इंटरनेट यूजर्स 109 करोड़ के पार, भारतनेट और UPI विस्तार से डिजिटल कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार

मार्च 2026 तक भारत में इंटरनेट यूजर्स 109.27 करोड़ पहुंच गए। भारतनेट, 5G विस्तार और UPI के बढ़ते उपयोग ने देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार दी।

केंद्र सरकार के साझा आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 तक भारत में इंटरनेट यूजर्स 109.27 करोड़ पहुंच गए हैं। भारतनेट के जरिए ग्रामीण कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है, जबकि UPI और टेलीकॉम सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

Tech: भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इंटरनेट यूजर्स की संख्या मार्च 2026 तक 109.27 करोड़ पहुंच गई है। भारतनेट परियोजना के तहत लाखों ग्राम पंचायतों को कनेक्ट किया गया है, जबकि टेलीकॉम और डिजिटल पेमेंट सेवाओं का विस्तार भी तेजी से हुआ है।

12 वर्षों में इंटरनेट यूजर्स में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी

केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले एक दशक में तेज़ी से बढ़ी है। मार्च 2014 में जहां देश में करीब 25.15 करोड़ इंटरनेट यूजर्स थे, वहीं मार्च 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 109.27 करोड़ पहुंच गया। यानी लगभग 12 वर्षों में करीब 84 करोड़ नए इंटरनेट उपभोक्ता जुड़े हैं।

इसी अवधि में देश में टेलीफोन कनेक्शनों की संख्या भी 93.3 करोड़ से बढ़कर 133 करोड़ से अधिक हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि 4G नेटवर्क के व्यापक विस्तार, 5G सेवाओं की शुरुआत और किफायती मोबाइल डेटा ने डिजिटल पहुंच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारतनेट के जरिए गांवों तक पहुंचा हाई-स्पीड इंटरनेट

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारतनेट परियोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। जून 2026 तक इस योजना के तहत लगभग 2.21 लाख ग्राम पंचायतों को सेवा के लिए तैयार किया जा चुका है।

इसके अलावा करीब 80,472 ग्राम पंचायतों में भारतनेट के पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) सक्रिय किए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का लाभ गांवों तक आसानी से पहुंच सके।

4G से 5G तक पहुंचा भारत, BSNL अभी भी पीछे

देश के टेलीकॉम सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। निजी कंपनियों के 4G और 5G नेटवर्क विस्तार के कारण मोबाइल इंटरनेट की पहुंच और स्पीड दोनों में सुधार हुआ है।

हालांकि, सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अभी तक देशभर में अपनी 5G सेवाएं शुरू नहीं कर सकी है। कंपनी ने पिछले वर्ष 4G नेटवर्क लॉन्च किया था और अब दिल्ली, मुंबई सहित चुनिंदा शहरों से 5G सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है।

UPI ने डिजिटल भुगतान को दी नई गति

डिजिटल इंडिया अभियान के साथ यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) देश में सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान प्रणाली बनकर उभरा है। वर्तमान में UPI को 731 बैंक सपोर्ट कर रहे हैं और यह 55.49 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तथा करीब 6.5 करोड़ व्यापारियों तक पहुंच चुका है।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में UPI के बढ़ते उपयोग ने नकद लेनदेन पर निर्भरता कम की है। PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म इस इकोसिस्टम के प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस

सरकार का कहना है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी, ग्रामीण ब्रॉडबैंड और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा है। भारतनेट, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और डिजिटल सेवाओं के जरिए देश के दूरदराज इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। आने वाले वर्षों में 5G नेटवर्क के विस्तार और ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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