भारत में मानसून फिर हुआ सक्रिय: असम में 99 गांव जलमग्न, अरुणाचल में 1 लाख से अधिक लोग प्रभावित

भारत में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। असम और अरुणाचल में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हैं, जबकि बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों में भारी बारिश

भारत में मानसून फिर सक्रिय हो रहा है। अरुणाचल प्रदेश में एक लाख से अधिक लोग बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं, जबकि असम के 99 गांव जलमग्न हैं। मौसम विभाग ने बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है।

नई दिल्ली: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। अगले दो दिनों में इसके पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे इन राज्यों में मानसूनी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली पूर्वी और उत्तरी भारत में बारिश की नई लहर लेकर आ सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में पहले से जारी बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक तबाही

लगातार हो रही बारिश ने अरुणाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के कारण पिछले 24 घंटों में एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 1.02 लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।

असम के 99 गांवों में बाढ़, हजारों लोग प्रभावित

पड़ोसी राज्य असम में भी मानसून की बारिश ने बाढ़ का रूप ले लिया है। राज्य के छह जिलों के 99 गांव जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़ के कारण लगभग 37 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल और चिकित्सा सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में सूखे जैसे हालात

एक ओर देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहीं मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। राज्य के जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल सहित लगभग 35 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम के कारण पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रणाली मानसून को दोबारा सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बिहार में भारी बारिश और नदियों का बढ़ता जलस्तर

बिहार में कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। किशनगंज, कटिहार, अररिया और पश्चिम चंपारण सहित कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की गंडक नदी पर भी दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गंडक बैराज के कई फाटक खोलने पड़े हैं ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। प्रशासन निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी बारिश का असर

उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं। झारखंड के कई हिस्सों में भी लगातार वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है।

दिल्ली, हरियाणा और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी बरकरार

जहां पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हरियाणा में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश की संभावना है, जबकि व्यापक वर्षा के लिए लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 और 18 जुलाई के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। कई इलाकों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

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