Indian Super League Football: खिलाड़ियों ने लीग शुरू करने की मांग की, कहा - 'अब इंतजार नहीं, खेलना चाहते हैं'

Indian Super League Football: खिलाड़ियों ने लीग शुरू करने की मांग की, कहा - 'अब इंतजार नहीं, खेलना चाहते हैं'

भारतीय फुटबॉल खिलाड़ियों ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी किया और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का नया सत्र तुरंत शुरू करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि लीग शुरू होने में लगातार हो रही देरी से उनका गुस्सा और हताशा अब व्याकुलता में बदल चुकी है।

Indian Super League Football: भारतीय फुटबॉल का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) लंबे समय से देरी का सामना कर रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय और आईएसएल खिलाड़ियों ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी कर लीग के नए सत्र को तुरंत शुरू करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि लीग में लगातार हो रही देरी से उनकी हताशा और चिंता चरम पर पहुंच चुकी है।

एआईएफएफ ने मीडिया और वाणिज्यिक अधिकारों पर अपडेट दिया

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने हाल ही में बताया कि 16 अक्टूबर को आईएसएल के वाणिज्यिक और मीडिया अधिकारों के लिए जारी आरएफपी (Request For Proposal) पर किसी भी कंपनी ने बोली नहीं लगाई। यह अनुबंध 15 साल की अवधि के लिए प्रस्तावित था, लेकिन बोली न लगने से लीग का भविष्य फिलहाल अनिश्चितता में लटक गया है। इस स्थिति ने खिलाड़ियों, कोचों और क्लबों में चिंता और असमंजस पैदा कर दिया है।

भारतीय टीम के स्टार डिफेंडर संदेश झिंगन ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में कहा, अभी हम जहां हैं, वहां से देरी करना सही नहीं है। कोच, फैंस, स्टाफ और खिलाड़ी सभी रुके हुए हैं। हमने बहुत मेहनत और त्याग किया है, हम नहीं चाहते कि सत्र यूं ही खत्म हो जाए। पूरा फुटबॉल तंत्र अनिश्चितता में डूबा है। सपने थम गए हैं, भविष्य पर सवाल हैं। हर दिन इंतजार करते हैं, हम व्याकुल हैं। अब तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।

संदेश ने यह भी स्पष्ट किया कि आईएसएल के बिना भारतीय फुटबॉल का प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्रभावित हो रहा है और युवा खिलाड़ियों की करियर योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है।

गुरप्रीत वालिया और अन्य खिलाड़ियों की अपील

राष्ट्रीय टीम के गोलकीपर गुरप्रीत वालिया और अन्य पेशेवर खिलाड़ियों ने भी इसी भावना को साझा किया। संयुक्त बयान में कहा गया: हम सभी पेशेवर फुटबॉलर एकजुट हैं। सीधी बात यह है कि हम खेलना चाहते हैं। गुस्सा और हताशा अब व्याकुलता में बदल गई है। हम उस खेल को खेलने के लिए बेताब हैं जिसे हम प्यार करते हैं, अपने फैंस और परिवार के लिए।

खिलाड़ियों ने प्रशासकों से लीग को जल्द से जल्द शुरू करने और इस अनिश्चितता को समाप्त करने का आग्रह किया। खिलाड़ियों के अनुसार, आईएसएल भारत में फुटबॉल की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। देरी के कारण कई शीर्ष क्लब, जैसे मोहन बागान, अपने प्रशिक्षण और अभ्यास सत्र रोक चुके हैं। यह स्थिति न केवल खिलाड़ियों की फिटनेस और करियर के लिए हानिकारक है, बल्कि भारतीय फुटबॉल के विकास में भी बाधा डालती है।

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