सरकार ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुए के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए हजारों ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया है। इस अभियान में स्पोर्ट्स बेटिंग, डिजिटल कसीनो और सट्टा प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। बढ़ते फ्रॉड और आर्थिक जोखिमों को देखते हुए यह कदम डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
Crackdown on online betting apps: भारत में सरकार ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए हजारों प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया है, जिनमें स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, डिजिटल कसीनो और रियल मनी गेमिंग ऐप्स शामिल हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए यूजर्स को आर्थिक नुकसान, धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा था। नए नियम लागू होने के बाद कार्रवाई और तेज हुई है, जिससे डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।
किन प्लेटफॉर्म्स पर चला एक्शन
सरकारी कार्रवाई में ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, डिजिटल कसीनो और पीयर-टू-पीयर बेटिंग प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया गया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर स्लॉट, रूलेट और लाइव डीलर जैसे गेम्स के जरिए यूजर्स से पैसे लगाए जाते थे।
इसके अलावा सट्टा-मटका नेटवर्क और रियल मनी गेमिंग ऐप्स भी इस दायरे में आए हैं। सरकार का मानना है कि ये प्लेटफॉर्म्स बिना नियमों का पालन किए बड़े पैमाने पर लोगों को आकर्षित कर रहे थे।

अब तक 8400 से ज्यादा साइट्स पर कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक करीब 8,400 अवैध ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। इनमें से लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म्स को नए ऑनलाइन गेमिंग नियम लागू होने के बाद हटाया गया है।
यह आंकड़ा बताता है कि सरकार ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रही है। खासतौर पर बड़े खेल आयोजनों से पहले इस तरह की कार्रवाई को और तेज किया जाता है।
क्यों जरूरी था यह कदम
ऑनलाइन बेटिंग और जुए के बढ़ते चलन से यूजर्स को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा बना हुआ था। कई मामलों में फ्रॉड, पेमेंट धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए सरकार ने ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा कसने का फैसला लिया, ताकि डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके। इससे यूजर्स का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।










