दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले, 9 लोगों की मौत; आवासीय इमारत और वाहन को बनाया निशाना

दक्षिणी लेबनान के कफर रूम्मान में इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। एक हमले में आवासीय इमारत तबाह हुई, जबकि दूसरे में वाहन को निशाना बनाया गया

दक्षिणी लेबनान के कफर रूम्मान में इजरायली हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। एक हमले में आवासीय इमारत तबाह हुई, जबकि दूसरे में वाहन को निशाना बनाया गया। लेबनान के राष्ट्रपति ने हमलों को खतरनाक बढ़ोतरी बताया है।

कफर रूम्मान: दक्षिणी लेबनान में सोमवार तड़के इजरायली हवाई हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक हमले में आवासीय इमारत में आठ लोगों की जान गई, जबकि दूसरे हमले में एक पैरामेडिक मारा गया। यह घटनाक्रम जून में हुए अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम के बावजूद बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।

कफर रूम्मान में आवासीय इमारत पर हमला

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र के कफर रूम्मान गांव में रात के दौरान एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया। हमले में इमारत बुरी तरह तबाह हो गई और आठ लोगों की मौत हो गई।

मृतकों में एक बच्चा और दो महिलाएं भी शामिल थीं। हमले में 11 अन्य लोग घायल हुए, जिनमें चार बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। बचाव दल ने मलबे में तलाश अभियान चलाया और आशंका जताई गई कि इमारत के मलबे के नीचे और लोग फंसे हो सकते हैं।

घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह ढहा हुआ दिखाई दिया। मलबे के बीच घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं बिखरी नजर आईं। बचावकर्मी देर तक मलबा हटाकर संभावित पीड़ितों की तलाश करते रहे।

वाहन पर दूसरे हमले में पैरामेडिक की मौत

इसी इलाके में एक अन्य हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में एक पैरामेडिक की मौत हुई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए।

मृतक पैरामेडिक लेबनानी इस्लामिक रिसाला स्काउट एसोसिएशन से जुड़ा था। हमले के बाद बचाव और चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

बाद की रिपोर्टों में लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इन हमलों में मृतकों की संख्या 11 बताई। उसके अनुसार, आवासीय इमारत पर हमले में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि वाहन पर हमले में दो पैरामेडिक मारे गए। शुरुआती स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और बाद की सरकारी रिपोर्ट के बीच यही अंतर है।

इजरायली सेना ने कहा- रिपोर्ट की जांच हो रही है

इजरायली सेना ने हमलों में हुई मौतों की रिपोर्ट पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन कहा कि वह सामने आई जानकारी की जांच कर रही है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

इजरायली सेना पहले भी दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई को हिजबुल्लाह की गतिविधियों के जवाब के रूप में पेश करती रही है। रविवार को भी दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में सात लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। इजरायल ने कहा था कि ये हमले हिजबुल्लाह की ओर से सैनिकों के खिलाफ किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए।

जून के युद्धविराम पर फिर मंडराया खतरा

दक्षिणी लेबनान में ताजा हमलों ने जून में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस समझौते का उद्देश्य इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष को रोकना और सीमा क्षेत्र में तनाव कम करना था।

हालांकि, युद्धविराम के बाद भी दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई और हिजबुल्लाह से जुड़े हमलों का सिलसिला पूरी तरह नहीं रुका। पिछले कुछ दिनों में हिंसा बढ़ने के कारण एक बार फिर नागरिक आबादी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लेबनान के राष्ट्रपति ने जताई चिंता

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायली हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने मौजूदा स्थिति को ‘खतरनाक बढ़ोतरी’ बताया और कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई जून में हुए युद्धविराम को खतरे में डाल रही है।

औन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि दक्षिणी लेबनान में हमले रोके जा सकें। उनका कहना है कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है।

दक्षिणी लेबनान में बढ़ी नागरिकों की चिंता

कफर रूम्मान और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हालिया घटनाक्रम ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, युद्धविराम के बाद कुछ परिवार अपने घरों में लौटे थे, लेकिन नए हमलों के कारण उन्हें फिर से विस्थापन का खतरा महसूस हो रहा है।

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, कफर रूम्मान के कुछ निवासियों ने बताया कि वे युद्धविराम के बाद अपने घर लौटे थे, लेकिन हमलों के बाद इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित इमारत को रिहायशी बताया और कहा कि वहां रहने वाले लोगों का किसी सशस्त्र संगठन से संबंध नहीं था।

रविवार को भी सात लोगों की मौत

ताजा हमलों से एक दिन पहले रविवार को दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग इलाकों में इजरायली हमलों में सात लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा कई लोग घायल हुए थे।

इजरायल ने इन हमलों को हिजबुल्लाह की ओर से किए गए ड्रोन हमलों के जवाब के तौर पर बताया था। हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष में ड्रोन और अन्य हथियारों के इस्तेमाल के कारण दक्षिणी लेबनान लगातार तनाव का केंद्र बना हुआ है।

युद्धविराम के बावजूद जारी सैन्य कार्रवाई

अमेरिका की मध्यस्थता वाले जून के समझौते के बावजूद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की मौजूदगी और हिजबुल्लाह के हथियारों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार ढांचे में दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी और हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, इन शर्तों को लागू करने की प्रक्रिया में लगातार मुश्किलें सामने आई हैं।

मानवीय संकट को लेकर बढ़ी चिंता

आवासीय इलाकों में हमलों से नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं ने मानवीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कफर रूम्मान में एक आवासीय इमारत के मलबे से लोगों को निकालने के लिए बचावकर्मी घंटों काम करते रहे।

बच्चों और महिलाओं के हताहत होने की खबर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। चिकित्सा कर्मियों के भी हमले में मारे जाने से राहत और बचाव अभियान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

दक्षिणी लेबनान में लगातार सैन्य गतिविधियों के बीच स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने विस्थापित लोगों की मदद, घायलों के इलाज और प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने की चुनौती बनी हुई है।

आगे क्या?

कफर रूम्मान में हुए ताजा हमलों के बाद अब सबसे बड़ी चिंता जून के युद्धविराम को लेकर है। लेबनान सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव की मांग कर रही है, जबकि इजरायल हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को अपनी कार्रवाई का आधार बता रहा है।

यदि हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रहती है, तो दक्षिणी लेबनान में संघर्ष फिर व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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