ISSF वर्ल्ड कप 2026: ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, मनु भाकर को ब्रॉन्ज, भारत दूसरे स्थान पर कायम

हांगझोउ ISSF वर्ल्ड कप में भारत की ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल में गोल्ड और मनु भाकर ने ब्रॉन्ज जीता। भारत अब तीन पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।

हांगझोउ में जारी ISSF वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड और मनु भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत अब तीन पदकों के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय निशानेबाजों का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत की युवा स्टार निशानेबाज ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसी स्पर्धा में ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कांस्य पदक हासिल कर भारत की सफलता को और मजबूत बनाया। इन दोनों पदकों के साथ भारत ने मौजूदा टूर्नामेंट में कुल तीन पदक जीत लिए हैं और पदक तालिका में दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक तैयारियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईशा सिंह ने दिखाया गोल्डन प्रदर्शन

महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह ने पूरे मुकाबले के दौरान शानदार संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। क्वालिफिकेशन राउंड से लेकर फाइनल तक उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ईशा ने दबाव भरे क्षणों में भी अपनी लय नहीं खोई और निर्णायक शॉट्स के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि भारतीय महिला शूटिंग के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है और इससे ईशा का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ेगा।

मनु भाकर ने फिर साबित किया अपना अनुभव

भारत की अनुभवी निशानेबाज मनु भाकर ने भी महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। उन्होंने पूरे मुकाबले में मजबूत चुनौती पेश की और फाइनल में दबाव के बावजूद शानदार खेल दिखाया। मनु का यह पदक दर्शाता है कि वह लगातार बड़े मंच पर भारत के लिए पदक जीतने वाली सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनका अनुभव और निरंतर प्रदर्शन भारतीय शूटिंग टीम के लिए बड़ी ताकत बना हुआ है।

भारत के खाते में अब तीन पदक

ईशा सिंह के स्वर्ण और मनु भाकर के कांस्य पदक के साथ भारत की कुल पदक संख्या तीन हो गई है। इससे पहले भारतीय निशानेबाज सैन्यम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। तीन पदकों के साथ भारतीय टीम पदक तालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारतीय निशानेबाज विश्व स्तर पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

चीन शीर्ष पर, भारत दूसरे स्थान पर

मेजबान चीन ने अब तक प्रतियोगिता में 14 पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान बनाए रखा है। घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए चीनी खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि भारत ने सीमित स्पर्धाओं में हिस्सा लेने के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा बनाए रखा है। भारतीय टीम की निरंतर सफलता यह संकेत देती है कि आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ सकती है।

भारतीय शूटिंग का लगातार बढ़ता दबदबा

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय शूटिंग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप और ISSF वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंचों पर भारतीय निशानेबाज नियमित रूप से पदक जीत रहे हैं। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। ईशा सिंह, मनु भाकर और सैन्यम जैसे खिलाड़ी नई पीढ़ी के उन चेहरों में शामिल हैं जो भारत को वैश्विक शूटिंग महाशक्ति बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

ईशा सिंह की सफलता क्यों है खास

ईशा सिंह ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी तकनीकी दक्षता, मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें दुनिया के उभरते हुए निशानेबाजों में शामिल करती है। हांगझोउ में जीता गया यह स्वर्ण पदक न केवल उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला शूटिंग के भविष्य के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

मनु भाकर का अनुभव टीम के लिए बड़ी ताकत

मनु भाकर लंबे समय से भारतीय शूटिंग टीम का अहम हिस्सा रही हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को पदक दिलाए हैं और बड़े मुकाबलों में अपने अनुभव का परिचय दिया है। हांगझोउ वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि कठिन परिस्थितियों में भी वह शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए उनका अनुभव और नेतृत्व भी प्रेरणादायक माना जाता है।

आगे की प्रतियोगिताओं पर रहेंगी नजरें

ISSF वर्ल्ड कप में अभी कई स्पर्धाएं बाकी हैं, जिनमें भारतीय निशानेबाजों से और पदकों की उम्मीद की जा रही है। टीम का मौजूदा प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारत आने वाले मुकाबलों में भी मजबूत चुनौती पेश करेगा। यदि भारतीय खिलाड़ी अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं तो पदक तालिका में भारत की स्थिति और बेहतर हो सकती है। यह प्रदर्शन भविष्य की विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए भी सकारात्मक संदेश देता है।

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