जबलपुर-इंदौर फ्लाइट 24 अक्टूबर से होगी बंद, डुमना एयरपोर्ट को झटका, हैदराबाद रूट पर चलेगा 186 सीटर विमान

इंडिगो 24 अक्टूबर से जबलपुर-इंदौर फ्लाइट बंद करेगी। विंटर शेड्यूल में सेवा नहीं है, जबकि जबलपुर-हैदराबाद रूट पर 186 सीट वाला विमान चलेगा।

इंडिगो 24 अक्टूबर से जबलपुर-इंदौर होते हुए हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट बंद करने जा रही है। विंटर शेड्यूल में सेवा शामिल नहीं है। वहीं जबलपुर-हैदराबाद रूट पर 78 सीट वाले विमान की जगह 186 सीटर विमान चलाया जाएगा।

जबलपुर: करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित डुमना एयरपोर्ट को एक और झटका लगा है। इंडिगो ने 24 अक्टूबर से जबलपुर से इंदौर होते हुए हैदराबाद जाने वाली उड़ान बंद करने का फैसला किया है। इस रूट के बंद होने से जबलपुर और इंदौर के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी प्रभावित होगी। हालांकि, हैदराबाद रूट पर एयरलाइन विमान की क्षमता बढ़ाकर 186 सीट करने जा रही है।

विंटर शेड्यूल में शामिल नहीं हुई फ्लाइट

इंडिगो की जबलपुर-इंदौर होते हुए हैदराबाद जाने वाली उड़ान को 24 अक्टूबर के बाद जारी रहने वाले विंटर शेड्यूल में जगह नहीं मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन अधिकारियों ने छोटे ATR विमान के मेंटेनेंस को सेवा बंद किए जाने की वजह बताया है। मौजूदा समय में जबलपुर और इंदौर के बीच यह सीधी हवाई सेवा यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रही थी।

फ्लाइट सेवा बंद होने के बाद जबलपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग या दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। मौजूदा शेड्यूल की जानकारी में भी जबलपुर-इंदौर के बीच इंडिगो की सीधी सेवा अक्टूबर 2026 में समाप्त होती दिखाई गई है।

हैदराबाद रूट पर बढ़ेगी विमान की क्षमता

एक तरफ इंदौर कनेक्टिविटी खत्म की जा रही है, वहीं जबलपुर से हैदराबाद के बीच हवाई सेवा को बड़े विमान के साथ संचालित करने की तैयारी है। इंडिगो इस रूट पर 78 सीट वाले छोटे विमान की जगह 186 सीट वाले बड़े एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करेगी। इससे हैदराबाद जाने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ेगी।

डुमना एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के संचालन के लिए पहले भी बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अनुसार एयरपोर्ट बड़े विमान संचालन के लिए सक्षम है।

कारोबार और पर्यटन पर असर की चिंता

जबलपुर-इंदौर फ्लाइट बंद होने की खबर पर स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने सेवा बंद होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसका असर व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और उद्योग से जुड़े यात्रियों पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक कारोबार के लिए समय महत्वपूर्ण होता है और हवाई सेवा से इंदौर तक पहुंचना सड़क यात्रा की तुलना में काफी सुविधाजनक है।

चैंबर की ओर से फ्लाइट को पूरी तरह बंद करने के बजाय जबलपुर-इंदौर-अहमदाबाद या जबलपुर-इंदौर-पुणे जैसे कनेक्टिंग रूट पर सेवा चलाने का सुझाव दिया गया है। इससे यात्रियों को इंदौर के जरिए दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचने का विकल्प मिल सकता है।

डुमना एयरपोर्ट के विस्तार पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग लगातार उठती रही है। अब इंदौर रूट बंद होने के साथ यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि भविष्य में इस रूट पर दोबारा सीधी सेवा शुरू होती है या नहीं।

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