जयपुर में इनामी वाहन चोर गिरफ्तार, कार और बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेचता था आरोपी

जयपुर पुलिस ने इनामी वाहन चोर सोनू मीणा को गिरफ्तार किया। आरोपी कार और बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेचता था। पुलिस उसके गिरोह, चोरी के अन्य मामलों की जांच

जयपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे इनामी वाहन चोर सोनू मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कार और मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें सस्ते दामों में बेचने का आरोप है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और चोरी के अन्य मामलों की जांच कर रही है।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में वाहन चोरी के मामलों में वांछित और इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जवाहर नगर थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 32 वर्षीय सोनू मीणा को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी वर्ष 2023 में हुई ईको कार चोरी की घटना के बाद से लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग जिलों में अपने ठिकाने बदल रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी पर हाल ही में पुलिस मुख्यालय की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे जुड़े अन्य आपराधिक मामलों और वाहन चोरी के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

ईको कार चोरी के मामले से शुरू हुई जांच

यह मामला अप्रैल 2023 का है, जब जयपुर के जवाहर नगर क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी मारुति सुजुकी ईको कार सेक्टर-4 स्थित पार्क के बाहर खड़ी की थी। कुछ समय बाद लौटने पर वाहन वहां नहीं मिला। पीड़ित की शिकायत पर जवाहर नगर थाने में वाहन चोरी का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात में सोनू मीणा और उसका साथी विश्राम मीणा शामिल थे।

एक आरोपी पहले गिरफ्तार, दूसरा लगातार बदलता रहा ठिकाने

पुलिस ने इस मामले में पहले ही विश्राम मीणा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी सोनू मीणा लगातार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा और जयपुर सहित कई स्थानों पर अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और तकनीकी सर्विलांस के साथ मुखबिरों की सूचना के आधार पर 13 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी हैं।

चोरी के वाहन सस्ते दामों में बेच देता था

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ रात के समय घरों और कॉलोनियों के बाहर खड़ी कारों और मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद इन वाहनों को राजस्थान के अन्य इलाकों में ले जाकर बेहद कम कीमत पर बेच दिया जाता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी चोरी के वाहन धौलपुर और अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में कुछ लोगों को बेचता था। इन वाहनों की बिक्री से मिलने वाली रकम का उपयोग वह अपने व्यक्तिगत शौक और खर्च पूरे करने में करता था।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस

पुलिस के अनुसार सोनू मीणा के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में वाहन चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और अन्य संगीन अपराधों से जुड़े मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारी अब आरोपी के पूरे आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन मामलों में शामिल रहा है और उसके गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है।

चोरी के वाहनों की बरामदगी पर फोकस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से यह जानकारी जुटा रही है कि अब तक कितने वाहन चोरी किए गए और उन्हें किन लोगों को बेचा गया। चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए भी अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान वाहन चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वाहन चोरी रोकने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ी

जयपुर सहित राजस्थान के कई शहरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान वाहन चोरी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। पुलिस लगातार सीसीटीवी नेटवर्क, तकनीकी निगरानी और विशेष अभियान के जरिए ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित वाहन चोरी गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभी जारी

फिलहाल पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य केवल एक वाहन चोरी के मामले का खुलासा करना नहीं, बल्कि पूरे गिरोह और उससे जुड़े अन्य अपराधों का पता लगाना है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के आधार पर कई अन्य लंबित मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

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