इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन अब लैंकाशायर की जर्सी में नजर नहीं आएंगे। क्लब ने 2027 के लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से 25 साल पुराना साथ खत्म हो रहा है।
स्पोर्ट्स न्यूज: इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के क्रिकेट करियर में एक ऐसा मोड़ आया है, जिसकी शायद उन्होंने खुद भी उम्मीद नहीं की होगी। जिस लैंकाशायर क्लब के लिए उन्होंने 2001 में खेलना शुरू किया था, अब उसी ने उनका कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। 44 साल के एंडरसन पिछले 25 वर्षों से इस क्लब का हिस्सा थे। इस बार उन्होंने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन भी किया, लेकिन क्लब की भविष्य की योजनाओं में उन्हें जगह नहीं मिली। रविवार, 25 अक्टूबर को एंडरसन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर बताया कि वह इस तरह लैंकाशायर से विदा नहीं होना चाहते थे।
लैंकाशायर छोड़ने पर क्या बोले जेम्स एंडरसन?
एंडरसन का लैंकाशायर से रिश्ता सिर्फ एक खिलाड़ी और क्लब तक सीमित नहीं रहा है। बचपन में वह इसी टीम के समर्थक थे। बाद में उन्हें इसी क्लब से पेशेवर क्रिकेट खेलने का मौका मिला। ऐसे में 25 साल बाद टीम से अलग होना उनके लिए आसान नहीं है। इंस्टाग्राम पर एंडरसन ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि बचपन से लैंकाशायर का समर्थन करना और फिर इतने लंबे समय तक उसके लिए खेलना उनके किसी सपने के पूरा होने जैसा था।
उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने अपने करियर के कई यादगार मैच खेले। इसी मैदान पर उन्हें टीम की कप्तानी करने का मौका भी मिला था। एंडरसन ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि अगर फैसला उनके हाथ में होता तो लैंकाशायर के साथ उनका सफर इस तरह खत्म नहीं होता। हालांकि, उन्होंने किसी खिलाड़ी या क्लब के समर्थकों के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने सभी को आगे के लिए शुभकामनाएं दीं।
50 विकेट लेने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ा कॉन्ट्रैक्ट?
जेम्स एंडरसन ने 2026 के काउंटी चैंपियनशिप सीजन में 50 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 17.68 रहा। इस प्रदर्शन पर लैंकाशायर ने उन्हें चैंपियनशिप प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना। इसके बावजूद क्लब ने 2027 के लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाया।
लैंकाशायर के लिए पिछला सीजन अच्छा नहीं गुजरा। आठ टीमों वाले डिवीजन-2 में क्लब सातवें स्थान पर रहा। एंडरसन को इसी साल पहली बार रेड-बॉल टीम की कप्तानी भी मिली थी। उन्होंने गेंद से लगातार विकेट निकाले, लेकिन टीम अंक तालिका में ऊपर नहीं पहुंच सकी। अब क्लब प्रबंधन अगले सीजन में बदलाव करने जा रहा है। इसी के चलते 25 साल से टीम का हिस्सा रहे एंडरसन को नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया।
एंडरसन को नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं देने पर क्लब ने क्या कहा?
लैंकाशायर के नए क्रिकेट निदेशक पॉल फारब्रेस ने इस फैसले के पीछे क्लब की आगे की योजना का हवाला दिया है। उनका कहना है कि टीम को फिर से मजबूत बनाने की जरूरत है। फिलहाल उनकी कोशिश लैंकाशायर को डिवीजन-2 से निकालकर डिवीजन-1 में पहुंचाने की है। इसके बाद तीन से चार साल के भीतर क्लब को काउंटी चैंपियनशिप का खिताब जीतने की दौड़ में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
फारब्रेस ने बताया कि 19 अक्टूबर को ओल्ड ट्रैफर्ड में एंडरसन के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड केन्यन भी मौजूद थे। बैठक में एंडरसन को बता दिया गया कि 2027 सीजन के लिए उन्हें नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिलेगा।
फारब्रेस के मुताबिक, एंडरसन जैसे खिलाड़ी को यह खबर देना आसान नहीं था। उन्होंने करीब ढाई दशक तक लैंकाशायर के लिए क्रिकेट खेला और कई मौकों पर टीम को अपनी गेंदबाजी से सफलता दिलाई। क्लब उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। हालांकि, प्रबंधन ने भविष्य की तैयारियों को देखते हुए उनसे अलग होने का फैसला किया है।
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लैंकाशायर के लिए कैसा रहा जेम्स एंडरसन का सफर?
लैंकाशायर के नए क्रिकेट निदेशक पॉल फारब्रेस ने बताया कि क्लब अब अपनी टीम को दोबारा तैयार करना चाहता है। उनका पहला लक्ष्य काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन-2 से निकलकर डिवीजन-1 में पहुंचना है। इसके बाद अगले तीन से चार वर्षों में खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाली टीम बनाना चाहते हैं।
फारब्रेस के मुताबिक, 19 अक्टूबर को ओल्ड ट्रैफर्ड में एंडरसन और क्लब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड केन्यन के साथ बैठक हुई थी। इसी दौरान एंडरसन को बताया गया कि 2027 के लिए उनका अनुबंध नहीं बढ़ाया जाएगा।
फारब्रेस ने माना कि इतना लंबा समय क्लब को देने वाले खिलाड़ी के साथ यह फैसला लेना आसान नहीं था। उन्होंने एंडरसन की गेंदबाजी, अनुशासन और टीम के लिए किए गए योगदान की सराहना भी की।
लैंकाशायर के लिए कैसा रहा एंडरसन का सफर?
इंग्लैंड के बर्नले में जन्मे एंडरसन ने 2001 में लैंकाशायर के लिए पहला मैच खेला था। क्लब की ओर से उन्होंने 112 फर्स्ट क्लास मैचों में 443 विकेट हासिल किए। इसके अलावा 61 लिस्ट-ए मैचों में 83 और 40 टी20 मुकाबलों में 50 विकेट लिए। साल 2011 में लैंकाशायर ने काउंटी चैंपियनशिप जीती थी। एंडरसन उस टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा 2019 में केंट के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में खेलते हुए उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 1000 विकेट पूरे किए थे।
क्लब ने 2017 में उनके सम्मान में ओल्ड ट्रैफर्ड के पवेलियन एंड का नाम बदलकर 'जेम्स एंडरसन एंड' रख दिया था। यह सम्मान बताता है कि लैंकाशायर क्रिकेट में उनका कितना बड़ा योगदान रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में एंडरसन के नाम हैं 704 विकेट
इंग्लैंड के लिए जेम्स एंडरसन ने 188 टेस्ट मैच खेले और 704 विकेट लिए। वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न हैं। दोनों स्पिन गेंदबाज थे। एंडरसन ने वनडे क्रिकेट में 194 मैच खेलकर 269 विकेट लिए। वहीं, 19 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उनके नाम 18 विकेट हैं।
जुलाई 2024 में एंडरसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लॉर्ड्स में अपना आखिरी टेस्ट खेला था। इसके बाद भी उन्होंने काउंटी क्रिकेट खेलना जारी रखा। अब लैंकाशायर से उनका साथ छूट रहा है, लेकिन उन्होंने अभी यह नहीं बताया कि आगे किसी दूसरी काउंटी टीम के लिए खेलेंगे या क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कहेंगे।










