Jammu-Kashmir को जल्द मिल सकता है राज्य का दर्जा, केंद्रीय मंत्री Meghwal का दावा

केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल होगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सतर्क आशावाद जताया, प्रक्रिया संवैधानिक होगी।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल होगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सतर्क आशावाद जताया। राज्य का दर्जा संवैधानिक प्रक्रिया और संसद की सहमति के बाद ही होगा।

Jammu-Kashmir: केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने श्रीनगर में कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। मेघवाल ने इस आश्वासन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुराने बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा संवेदनशील है, लेकिन गृह मंत्री पहले ही लोकसभा में इस पर आश्वासन दे चुके हैं कि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।

मंत्री Meghwal की टिप्पणियों का महत्व

मेघवाल श्रीनगर में टेली-लॉ (DISHA) योजना पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं और न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाना था। हालांकि, इस अवसर पर मंत्री की जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी टिप्पणी ने तुरंत सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने कहा कि केंद्र जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेगा और लोगों को उनका हक मिलेगा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का सतर्क आशावाद

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जो इस कार्यक्रम में उपस्थित थे, ने मंत्री की टिप्पणियों पर सतर्क आशावाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार केंद्र के साथ संवाद में है, लेकिन प्रक्रिया में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।

अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य को राज्य का दर्जा मिलेगा, लेकिन इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैंने सुना है कि मंत्री ने कहा है कि हमें जल्द ही अच्छी खबर सुनने को मिलेगी। डेढ़ साल का इंतजार हो चुका है। हमें उम्मीद है कि अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।"

संवैधानिक प्रक्रिया

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना संवैधानिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मामला है। 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A के रद्द होने के बाद यह राज्य विशेष दर्जा खो चुका था और केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संसद में विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और राजनीतिक सहमति आवश्यक होगी। मंत्री Meghwal ने यह स्पष्ट किया कि केंद्र इस मुद्दे पर उचित प्रक्रिया का पालन करेगा और किसी भी निर्णय से पहले सभी कानूनी और संवैधानिक पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा।

मेघवाल की टिप्पणी के बाद श्रीनगर और जम्मू में जनता और राजनीतिक दलों में उम्मीद की लहर दौड़ गई है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल होने से प्रशासनिक स्थिरता, निवेश और विकास में मदद मिलेगी। कई युवा नेताओं ने इसे जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के रूप में देखा।

DISHA योजना के माध्यम से न्याय तक पहुंच

कार्यक्रम के दौरान मंत्री Meghwal ने टेली-लॉ (DISHA) योजना की भी समीक्षा की। इस पहल के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कानूनी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लोगों को न्याय पाने के लिए लंबी और कठिन प्रक्रियाओं से बचाना है और तकनीक का उपयोग करके न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है।

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