Jharkhand Assembly: रामनवमी जुलूस में डीजे बैन पर झारखंड विधानसभा में गरमाया माहौल, भाजपा और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस

Jharkhand Assembly: रामनवमी जुलूस में डीजे बैन पर झारखंड विधानसभा में गरमाया माहौल, भाजपा और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस

रामनवमी में डीजे बजाने पर कथित पाबंदी को लेकर झारखंड विधानसभा में हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार पर धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे सुप्रीम कोर्ट के नियमों से जोड़ा।

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रामनवमी के मौके पर डीजे बजाने पर कथित पाबंदी को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। बुधवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के विधायकों ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। 

भाजपा ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियों के कारण हिंदू धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायक अपनी सीटों से उठकर आसन के सामने पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल काफी गरम हो गया।

भाजपा ने सरकार पर लगाया हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप

भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने रामनवमी के दौरान डीजे बजाने पर लगाई गई पाबंदी का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामनवमी हिंदू समाज का एक बड़ा धार्मिक पर्व है और इस मौके पर निकलने वाली शोभायात्राओं और जुलूसों में डीजे और संगीत का विशेष महत्व होता है। 

उनके अनुसार इस तरह के आयोजनों पर प्रतिबंध लगाना हिंदुओं की धार्मिक आस्था को प्रभावित करता है। नवीन जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण एक विशेष समुदाय को परेशान किया जा रहा है और धार्मिक आयोजनों पर अनावश्यक नियंत्रण लगाया जा रहा है।

भाजपा विधायक के इस बयान के बाद सदन का माहौल और अधिक गरमा गया। विपक्षी विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे और सरकार से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग करने लगे। भाजपा के कई विधायक आसन के सामने पहुंचकर विरोध दर्ज कराने लगे, जिसके कारण कुछ समय तक सदन की कार्यवाही प्रभावित रही।

सत्ता पक्ष ने आरोपों का किया कड़ा विरोध

भाजपा के आरोपों के बाद सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने भी इसका जोरदार विरोध किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों को राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और समाज सभी समुदायों का है और किसी भी धर्म के खिलाफ भेदभाव की बात करना गलत है।

प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं और धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और सदन में शोरगुल का माहौल बन गया।

स्पीकर ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की

सदन में बढ़ते शोरगुल को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सभी सदस्यों से संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। स्पीकर ने यह भी कहा कि बजट सत्र के दौरान अब तक सदन की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से चल रही थी, लेकिन इस तरह के हंगामे से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

रबीन्द्रनाथ महतो ने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सदन का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और समाधान निकालना है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे शांतिपूर्वक अपनी बात रखें ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। हालांकि इसके बावजूद कुछ समय तक सदन में शोरगुल जारी रहा।

डीजे विवाद पर मंत्री ने दिया स्पष्टीकरण

बहस के दौरान विधायक और मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि डीजे बजाने को लेकर जो नियम लागू किए जाते हैं, वे किसी एक धार्मिक आयोजन के लिए नहीं बल्कि सभी कार्यक्रमों के लिए समान रूप से लागू होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात दस बजे के बाद तेज आवाज में डीजे या लाउड म्यूजिक बजाने की अनुमति नहीं है।

राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस नियम का उद्देश्य केवल ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों की सुविधा का ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि इसे किसी धर्म या समुदाय से जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार कानून सभी के लिए समान होता है और उसका पालन सभी को करना चाहिए।

धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक विवाद बनाने पर सवाल

राधाकृष्ण किशोर ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश और दुनिया के मौजूदा हालात को देखते हुए समाज में एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज केवल किसी एक धर्म की बात नहीं बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और मजबूती की बात होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं और ऐसे समय में समाज को विभाजित करने के बजाय एकजुट रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद खड़ा करना या उन्हें राजनीतिक मुद्दा बनाना देशहित में नहीं है।

कुछ देर तक प्रभावित रही सदन की कार्यवाही

रामनवमी में डीजे बजाने के मुद्दे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद कुछ समय तक चलता रहा। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार बहस और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। हालांकि स्पीकर लगातार सदस्यों से संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते रहे।

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