झारखंड के पलामू में पत्नी से मिलने ससुराल गए युवक साबिर अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पत्नी और उसके जीजा पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पलामू: झारखंड के Jharkhand के पलामू जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिवार ने उसकी पत्नी और पत्नी के जीजा पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
घटना ने पूरे इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
ससुराल में हुई युवक की तबीयत खराब
यह मामला Lesliganj थाना क्षेत्र के मुरुबार गांव का है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय साबिर अंसारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, साबिर बुधवार को अपनी पत्नी कसीदा खातून से मिलने उसके मायके कुंदरी गांव गया था।
रात में उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि उसकी पत्नी और उसके जीजा इदरीश अंसारी ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
आठ साल पहले किया था प्रेम विवाह
परिजनों के अनुसार, साबिर अंसारी ने करीब आठ साल पहले प्रेम विवाह किया था। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग छह और चार साल बताई जा रही है।
हालांकि, परिवार के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों से पति-पत्नी के बीच संबंध तनावपूर्ण चल रहे थे। बताया गया कि घरेलू विवादों के कारण साबिर काम के सिलसिले में Hyderabad चला गया था, जहां वह मजदूरी और अन्य काम करता था।
हैदराबाद से लौटकर गया था पत्नी से मिलने
मृतक के मौसेरे भाई मोहम्मद सद्दाम हुसैन के अनुसार, साबिर मंगलवार को हैदराबाद से अपने गांव लौटा था।
अगले दिन वह अपनी पत्नी से मिलने ससुराल गया। परिवार का आरोप है कि वहीं उसके साथ मारपीट की गई।
परिजनों के मुताबिक, रात के समय पत्नी कसीदा खातून और उसके जीजा इदरीश अंसारी ने मिलकर साबिर पर हमला किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से घायल करने के बाद उसे घर से कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया।
रात में मिली घटना की जानकारी
परिवार का कहना है कि रात करीब एक बजे गांव के एक व्यक्ति ने फोन कर उन्हें घटना की जानकारी दी।
इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और घायल हालत में साबिर को इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
पहले उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान हुई मौत
साबिर को पहले Lesliganj Hospital ले जाया गया, जहां से उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों ने वहां भी उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे Ranchi रेफर कर दिया।
परिजनों के अनुसार, रांची ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद परिवार और गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
पत्नी पर पहले से विवाद के आरोप
परिवार के सदस्यों का कहना है कि साबिर और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी अक्सर फोन पर उसे धमकी देती थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि पत्नी और उसके जीजा के बीच संबंधों को लेकर पहले भी परिवार में विवाद हुआ था।
बताया गया कि मामला कभी तलाक तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मध्यस्थता से समझौता करा दिया गया था।
पुलिस ने मामले को बताया संदिग्ध
लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने कहा कि शुरुआती जांच में मारपीट की पुष्टि स्पष्ट रूप से नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि जब साबिर घायल था, तब पुलिस को घटना की कोई सूचना नहीं दी गई थी। मौत के बाद लगाए गए आरोपों के कारण मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि मौत चोटों के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। फिलहाल पुलिस परिवार के आरोपों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के भीतर लंबे समय से विवाद चल रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतनी दुखद स्थिति तक पहुंच जाएगा। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पारिवारिक विवाद और बढ़ती हिंसा पर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवाद और रिश्तों में बढ़ता तनाव कई बार हिंसक घटनाओं का रूप ले लेता है।
सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, परिवारों में संवाद की कमी, आर्थिक दबाव और आपसी अविश्वास ऐसे मामलों को गंभीर बना देते हैं।
वे कहते हैं कि समय रहते पारिवारिक विवादों का समाधान और काउंसलिंग कई त्रासद घटनाओं को रोक सकती है।









