झुंझुनूं में 35 लाख की अवैध शराब नष्ट: 550 पेटियों में हरियाणा ब्रांड और प्रीमियम लेबल शामिल

राजस्थान में झुंझुनूं आबकारी विभाग ने 35 लाख रुपए की अवैध शराब की 550 पेटियां नष्ट कीं। हरियाणा निर्मित शराब और प्रीमियम ब्रांड्स शामिल, तस्करों पर सख्ती जारी।

राजस्थान में झुंझुनूं आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब की 550 पेटियां नष्ट कीं। जब्त शराब में हरियाणा निर्मित और प्रीमियम ब्रांड्स शामिल थे। विभाग ने तस्करों पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने की बात कही।

झुंझुनू: जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 35 लाख रुपए मूल्य की जब्त शराब नष्ट कर दी। विभाग ने 550 पेटियों में रखी अवैध शराब को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया। इस खेप में हरियाणा निर्मित शराब के अलावा कई प्रीमियम ब्रांड्स भी शामिल थे।

अधिकारियों का कहना है कि जब्त शराब लंबे समय से गोदामों में रखी हुई थी और अब उपभोग के लिए असुरक्षित हो चुकी थी। जिला आबकारी अधिकारी Riyazuddin Siddiqui ने बताया कि यह शराब विभिन्न छापेमारी अभियानों के दौरान पकड़ी गई थी।

नष्ट की गई खेप में ‘मैकडॉवेल्स’ और ‘रॉयल चैलेंज’ जैसे चर्चित ब्रांड्स की बोतलें भी शामिल थीं। अधिकारियों ने कहा कि इन ब्रांड्स का इस्तेमाल अक्सर अवैध सप्लाई चैन के जरिए स्थानीय बाजार में खपाने के लिए किया जाता है। यह कार्रवाई जिले में शराब तस्करी के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

हरियाणा बॉर्डर से तस्करी, जहरीली होने का खतरा

झुंझुनूं और आसपास के इलाके लंबे समय से हरियाणा से अवैध शराब तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब की बड़ी मात्रा हरियाणा से गैरकानूनी तरीके से राजस्थान लाई जा रही थी। इस तरह की शराब अक्सर बिना कर चुकाए सप्लाई की जाती है, जिससे राज्य सरकार को राजस्व नुकसान होता है और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होता है।

आबकारी विभाग का कहना है कि जब्त शराब काफी समय तक गोदामों में पड़ी रही। तापमान, भंडारण की स्थिति और समय के असर के कारण इसकी गुणवत्ता खराब हो चुकी थी।

  • ऐसी शराब के सेवन से:
  • फूड पॉइजनिंग 
  • किडनी और लीवर पर असर
  • जहरीले रसायनों का खतरा
  • गंभीर स्वास्थ्य संकट

जैसी समस्याएं हो सकती थीं। इसी वजह से विभाग ने इसे बाजार में वापस लाने या नीलामी करने के बजाय नष्ट करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा खतरा भी है।

500 से ज्यादा केस, ठेकेदारों पर भी कार्रवाई

झुंझुनूं आबकारी विभाग ने पिछले कुछ समय में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। जिले के 5 आबकारी थानों और 3 सर्किलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक 500 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई केवल तस्करों तक सीमित नहीं रही। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारी शराब विक्रेताओं पर भी सख्ती दिखाई है।

अबतक 100 से अधिक लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई कर, जुरमाना वसूला गया है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में लाइसेंसधारी दुकानों से भी अनियमित सप्लाई, स्टॉक गड़बड़ी और रिकॉर्ड में अंतर जैसी शिकायतें मिली थीं।

बॉर्डर पर निगरानी बढ़ी, तस्करी रोकने की तैयारी

जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि, बॉर्डर क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है, गश्त और चेकिंग तेज की गई है।  झुंझुनूं की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह जिला राजस्थान-हरियाणा सीमा के कारण संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में विभाग का फोकस इंटर-स्टेट तस्करी की सप्लाई लाइन तोड़ने पर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार अक्सर संगठित नेटवर्क के जरिए चलता है, जिसमें सप्लाई, स्टोरेज और रिटेल तक की पूरी श्रृंखला शामिल होती है। ऐसे मामलों में नियमित छापेमारी, डिजिटल ट्रैकिंग और स्थानीय सूचना तंत्र बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।

झुंझुनूं में 35 लाख रुपए की अवैध शराब नष्ट करने की यह कार्रवाई केवल जब्ती का मामला नहीं, बल्कि राज्य में अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख का संकेत है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि तस्करी की रीढ़ तोड़ी जा सके और लोगों को असुरक्षित शराब से बचाया जा सके।

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