बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित की गई।
पटना: बिहार की राजनीति में मंगलवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित की गई। करीब दो दशकों से राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस कदम को बिहार की राजनीति में एक बड़े युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
कैबिनेट बैठक के दौरान और उसके बाद पूरा माहौल भावुक नजर आया। मंत्रियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने लंबे कार्यकाल के अनुभवों को याद किया और कई नेताओं ने उन्हें मार्गदर्शक बताया।
अंतिम कैबिनेट बैठक में भावुक दृश्य
कैबिनेट बैठक के बाद बाहर आए कई मंत्रियों ने इसे भावनात्मक पल बताया। बिहार सरकार के कृषि मंत्री Ramkripal Yadav ने कहा कि यह समय सभी के लिए भावुक करने वाला था और मुख्यमंत्री ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, मंत्री Leshi Singh ने कहा कि नीतीश कुमार उनके लिए अभिभावक की तरह रहे हैं और उन्होंने हमेशा मार्गदर्शन दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह अंतिम कैबिनेट बैठक लगभग 25 मिनट तक चली। बैठक के बाद मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित आवास पहुंचे, जहां उनके साथ करीबी मंत्री भी मौजूद थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ा दिया गया था। मुख्यमंत्री आवास के आसपास मीडिया और आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था।

ग्रुप फोटो और भावुक विदाई
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समूह तस्वीर (ग्रुप फोटो) भी खिंचवाई। इसके अलावा सचिवालय के कर्मचारियों के साथ भी उन्होंने फोटो खिंचवाई। इस दौरान नीतीश कुमार भावुक तो दिखे, लेकिन उन्होंने पूरे संयम के साथ सभी औपचारिकताओं को पूरा किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि वह आगे भी बिहार के विकास में योगदान देते रहेंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह राज्यसभा के माध्यम से भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और नई बनने वाली सरकार को मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।यह बयान उनके राजनीतिक भविष्य की दिशा को भी स्पष्ट करता है, जिसमें उनकी भूमिका अब राज्य से केंद्र की ओर स्थानांतरित होती दिख रही है।
नई राजनीतिक दिशा की ओर बिहार
नीतीश कुमार के इस निर्णय के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में नई सरकार बनने की संभावना है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड (JDU) को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद मिलने की चर्चा है।
राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, शाम को एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद शाम 5 से 7 बजे के बीच राज्यपाल के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने की संभावना है।









