Success Story: मां के संघर्ष और बेटे की मेहनत ने पूरा किया IIT का सपना, गांव का पहला IITian बना जिगर

ओडिशा के जिगर नाइक ने आर्थिक तंगी और पिता के निधन के बाद भी हार नहीं मानी। मां के संघर्ष से JEE Advanced 2026 पास कर गांव के पहले IITian बने।

ओडिशा के जिगर नाइक ने आर्थिक तंगी और पिता के निधन के बाद भी हार नहीं मानी। मां ने गहने गिरवी रखकर और सिलाई का काम करके बेटे की पढ़ाई जारी रखी, जिसके बाद जिगर ने JEE Advanced में शानदार रैंक हासिल की।

Success Story: ओडिशा के जिगर नाइक की कहानी संघर्ष, मेहनत और मां के अटूट विश्वास की मिसाल है। पिता के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरा, लेकिन मां ने हर मुश्किल का सामना करते हुए बेटे की पढ़ाई जारी रखी। इसी संघर्ष का परिणाम रहा कि जिगर ने JEE Advanced 2026 में सफलता हासिल कर अपने गांव के पहले IITian बनने का सपना पूरा किया।

पिता के जाने के बाद मां ने संभाली पूरे परिवार की जिम्मेदारी

ओडिशा के गंजाम जिले के बाकलिकोडा गांव के रहने वाले जिगर नाइक का सफर आसान नहीं रहा। वर्ष 2020 में उनके पिता, जो गुजरात की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे, कैंसर से पीड़ित हो गए। इलाज में परिवार की जमा-पूंजी खत्म हो गई और आखिरकार उनका निधन हो गया। पिता के जाने के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया। ऐसे समय में जिगर की मां अपूर्वा नाइक ने हिम्मत नहीं हारी और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली।

गहने गिरवी रखे और सिलाई से बेटे की पढ़ाई जारी रखी

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद अपूर्वा नाइक ने यह तय किया कि बेटे की पढ़ाई किसी भी हाल में नहीं रुकेगी। उन्होंने अपने गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया और घर से सिलाई का काम शुरू किया। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने घर का खर्च चलाया और बेटे की स्कूल फीस जमा की। सिलाई मशीन उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं थी, बल्कि बेटे के सपनों को साकार करने का जरिया भी बन गई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने बेटे का हौसला टूटने नहीं दिया।

सोशल मीडिया से मिला IIT-JEE का सपना

जिगर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 10वीं कक्षा तक उन्हें IIT और JEE के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर इंजीनियरिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े वीडियो देखने के बाद उनके मन में IIT में पढ़ने का सपना जगा। उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और 10वीं में 95 प्रतिशत तथा 12वीं में 87 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी का फैसला किया।

कोटा में की तैयारी, मेहनत लाई रंग

बेहतर तैयारी के लिए जिगर राजस्थान के कोटा पहुंचे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने लगातार दो वर्षों तक JEE की तैयारी की। परिवार की सीमित आय को देखते हुए उन्हें 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान फीस में भी राहत मिली। जिगर का लक्ष्य केवल IIT में प्रवेश पाना नहीं था, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलना भी था। उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी जारी रखी।

JEE Advanced में शानदार सफलता हासिल की

जिगर नाइक की मेहनत आखिरकार रंग लाई। उन्होंने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 5474 हासिल की और अपने गांव के पहले ऐसे छात्र बने, जिन्हें IIT में दाखिला मिलने जा रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के सामने टिक नहीं सकतीं। जिगर का कहना है कि वह IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी मां को बेहतर जीवन देना चाहते हैं और अपने छोटे भाई की पढ़ाई में भी पूरा सहयोग करेंगे।

जिगर और उनकी मां की यह कहानी केवल एक परीक्षा में सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग, आत्मविश्वास और शिक्षा की ताकत की प्रेरणादायक मिसाल है। यह बताती है कि यदि परिवार का साथ, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े से बड़ा सपना भी पूरा किया जा सकता है।

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