कश्मीर घाटी में रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, यह भूकंप सुबह 8:24 बजे आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के Badakhshan Province में स्थित था।
श्रीनगर: आज शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को उत्तरी भारत में भूकंपीय गतिविधि के चलते जम्मू-कश्मीर और कश्मीर घाटी में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। यह भूकंप अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में केंद्रित था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.3 मापी गई। Earthquake के ये झटके सुबह 8:24 बजे महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, हालांकि किसी बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप का केंद्र और तकनीकी विवरण
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान क्षेत्र में स्थित था। इसकी गहराई लगभग 190 किलोमीटर दर्ज की गई।भूकंप के भौगोलिक निर्देशांक:
- अक्षांश: 36.55° उत्तर
- देशांतर: 70.92° पूर्व
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी गहराई में आने वाले भूकंप अक्सर बड़े सतही नुकसान से बच जाते हैं, लेकिन व्यापक क्षेत्र में झटके महसूस किए जा सकते हैं।
कश्मीर भूकंप संवेदनशील क्षेत्र क्यों है?
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Kashmir Valley भूगर्भीय रूप से अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यह टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है। भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र उच्च जोखिम वाले भूकंपीय ज़ोन में आता है, जहां छोटे से बड़े भूकंप समय-समय पर आते रहते हैं। कश्मीर क्षेत्र का इतिहास कई बड़े भूकंपों से भरा हुआ है, जिन्होंने भारी जनहानि और संरचनात्मक नुकसान पहुंचाया।
8 अक्टूबर 2005 को आया 2005 Kashmir earthquake लगभग 7.6 तीव्रता का था। इस त्रासदी में 80,000 से अधिक लोगों की मौत हुई और कई शहर तबाह हो गए। इसका केंद्र पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (Muzaffarabad) था, जबकि भारत में उरी और बारामूला क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ।
अन्य ऐतिहासिक घटनाएं
- 1555 का कश्मीर भूकंप (अनुमानित 7.6 तीव्रता)
- 1828 का विनाशकारी भूकंप
- 1885 का बारामूला भूकंप (6.8 तीव्रता, 3000+ मौतें)
इन घटनाओं ने यह साबित किया है कि यह क्षेत्र लंबे समय से भूकंपीय रूप से सक्रिय रहा है।









