जमशेदपुर फायरिंग केस: पुरानी रंजिश में हुई थी वारदात, दो आरोपी गिरफ्तार; हथियार और बाइक बरामद

जमशेदपुर के बिष्टुपुर में फायरिंग मामले का पुलिस ने किया खुलासा। पुरानी दुश्मनी में घटना हुई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और बाइक बरामद की है।

झारखंड के जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुरानी दुश्मनी में हुई इस घटना में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से हथियार और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर स्थित बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह कुरैशी मुहल्ला में हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से हथियार व बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

यह घटना 3 मई 2026 को दर्ज की गई थी, जिसमें जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का गंभीर आरोप सामने आया था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था, जिसके चलते पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।

सिटी एसपी ने दी जानकारी, गुप्त सूचना से मिली सफलता

सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की जांच वादी सरफराज कुरैशी उर्फ गामा के आवेदन के आधार पर शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा पाया गया।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी शहर छोड़कर फरार होने की कोशिश में हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मो. इमरान उर्फ गोरे और महफूज आलम को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों को उस समय पकड़ा गया जब वे क्षेत्र से बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे।

पुरानी रंजिश बनी फायरिंग की वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वादी सरफराज कुरैशी और मुख्य आरोपी इमरान उर्फ गोरे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी के चलते तनाव बना हुआ था।

घटना से एक दिन पहले भी दोनों के बीच तीखी बहस और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मामला और बढ़ गया। जांच में सामने आया कि इसी विवाद के बाद आरोपी इमरान ने कथित रूप से आजादनगर क्षेत्र से हथियार जुटाकर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।

बरामद हुआ अवैध हथियार और बाइक

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • एक देशी ऑटोमेटिक पिस्टल
  • 7.65 एमएम की एक जिंदा गोली
  • एक खाली कारतूस (खोखा)
  • बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल

इन बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि घटना पूर्व नियोजित थी और आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे।

आपराधिक इतिहास की जांच में खुलासा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी मो. इमरान उर्फ गोरे का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही मौजूद है। उसके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उस पर पहले भी निगरानी रखी जा रही थी। इस नए मामले के बाद उसके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की जांच भी की जा रही है।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

इलाके में बढ़ाई गई पुलिस निगरानी

फायरिंग की घटना के बाद धातकीडीह और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर गश्त तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

स्थानीय लोगों में दहशत, शांति की अपील

घटना के बाद स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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