जमशेदपुर में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविन्द्र सिंह ने कथित तौर पर पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के कारणों की जांच जारी है।
जमशेदपुर: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। टाटा स्टील के एक रिटायर्ड कर्मचारी पर अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या करने का आरोप लगा है।
घटना सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको रोड नंबर-2 स्थित एक आवासीय क्वार्टर में सामने आई, जहां सोमवार सुबह तीन शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी रविन्द्र सिंह को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सरिता सिंह, उनके पुत्र रवि कुमार और गर्भवती बेटी सुप्रिया के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि परिवार एक साथ क्वार्टर में रह रहा था। आरोपी रविन्द्र सिंह के कुल चार बच्चे बताए गए हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी दिल्ली में रहते हैं, जबकि दूसरी बेटी की शादी हो चुकी है।
अलग-अलग कमरों में मिले शव
घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घर को सील कर जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक पत्नी सरिता सिंह का शव रसोईघर के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि बेटे और बेटी के शव अलग-अलग कमरों में बिस्तर पर पाए गए।
जांच अधिकारियों का मानना है कि दोनों बच्चों पर उस समय हमला किया गया जब वे सो रहे थे। वहीं पत्नी पर कथित तौर पर किचन में हमला किया गया।
हत्या में भारी हथियार इस्तेमाल होने की आशंका
फॉरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक हथौड़ा और एक टांगी बरामद हुई है। अधिकारियों को संदेह है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हत्या में किया गया।

तीनों मृतकों के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे यह आशंका मजबूत हुई है कि भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई।
फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घर से कई अहम सबूत जुटाए हैं।
पड़ोसियों की सतर्कता से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रहने वाली आरोपी की बेटी ने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
लगातार संपर्क न होने पर उसने पड़ोसियों को घर जाकर देखने के लिए कहा। जब पड़ोसी क्वार्टर पहुंचे तो आरोपी रविन्द्र सिंह ने उन्हें अंदर आने से रोक दिया और वापस भेजने की कोशिश की।
इसके बाद कुछ लोग पीछे की दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंचे, जहां तीनों शव पड़े मिले। आरोपी खुद भी घर के भीतर घायल अवस्था में मौजूद था।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार अभी तक हत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी बार-बार यह कहता रहा कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, जिनमें पारिवारिक तनाव, मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू विवाद शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन रिश्तेदारों ने किसी बड़े झगड़े या गंभीर विवाद की जानकारी नहीं दी है।
मोबाइल फोन जांच के दायरे में
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपना मोबाइल फोन जांच एजेंसियों को तुरंत उपलब्ध नहीं कराया। अब डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या घटना से पहले परिवार में किसी प्रकार का तनाव या विवाद चल रहा था।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार पारिवारिक तनाव, अवसाद या मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं समय रहते सामने नहीं आ पातीं, जिसका परिणाम बेहद दुखद घटनाओं के रूप में सामने आता है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है।
स्थानीय लोगों में दहशत और शोक
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी इस बात से स्तब्ध हैं कि शांत माने जाने वाले परिवार में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।
क्वार्टर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे और पुलिस लगातार लोगों से पूछताछ करती रही।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
एएसपी ऋषभ त्रिवेदी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया।
पुलिस ने आरोपी रविन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।










