जनवरी 2026 में ऑटोमोबाइल बिक्री में बढ़त, ग्रामीण इलाकों ने की प्रमुख भूमिका

जनवरी 2026 में ग्रामीण इलाकों की बढ़ती मांग से ऑटोमोबाइल बाजार मजबूत हुआ। PV, दोपहिया और CV बिक्री में रिकॉर्ड बढ़त, SUV और एंट्री-लेवल कारों में जोर।

जनवरी 2026 में भारतीय ऑटो बाजार ग्रामीण मांग से मजबूत हुआ। पैसेंजर व्हीकल्स, दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बिक्री में सालाना आधार पर बढ़त दर्ज हुई। SUV और एंट्री-लेवल कारों की बढ़ती लोकप्रियता ने भी बाजार को सपोर्ट किया।

New Delhi: जनवरी 2026 में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह ग्रामीण इलाकों से आई तेज मांग रही। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पैसेंजर व्हीककल्स (PVs) की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 7.22 फीसदी बढ़कर 5,13,475 यूनिट तक पहुंच गई। यह संकेत देता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कैश फ्लो सुधरने के साथ ही लोगों की खरीदारी क्षमता भी बढ़ी है।

GST के बाद बने पॉजिटिव माहौल, फसलों की बेहतर कीमत, शादी-विवाह के सीजन और मोबिलिटी की स्थिर जरूरत ने ऑटो सेक्टर को सपोर्ट दिया है। सिर्फ पैसेंजर वाहन ही नहीं, बल्कि कुल ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री भी 17.6 फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ 27.2 लाख यूनिट तक पहुंच गई।

शहरी बाजार की पकड़ बरकरार

आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल मार्केट में अब भी शहरी खरीदारों की हिस्सेदारी ज्यादा बनी हुई है। कुल PV बिक्री में शहरों का योगदान 59.2 फीसदी रहा, जबकि ग्रामीण हिस्सेदारी 40.8 फीसदी रही। हालांकि इस बार असली रफ्तार ग्रामीण इलाकों से देखने को मिली।

ग्रामीण बाजार में PV बिक्री 14.4 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी इलाकों में यह ग्रोथ सिर्फ 2.75 फीसदी रही। इससे साफ है कि गांवों में लोगों का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है। बेहतर फसल उत्पादन, सरकारी योजनाओं से आय में सुधार और फाइनेंस की आसान उपलब्धता ने ग्रामीण खरीदारों को गाड़ियां खरीदने के लिए प्रेरित किया।

ह्यूंदै की नंबर-2 पोजिशन पर वापसी

जनवरी महीने में कार मैन्युफैक्चरर्स की रैंकिंग में भी अहम बदलाव देखने को मिला। कई महीनों के बाद ह्यूंदै मोटर इंडिया ने दूसरी पोजिशन हासिल की। कंपनी ने 65,914 यूनिट की बिक्री के साथ 12.84 फीसदी मार्केट शेयर दर्ज किया।

ह्यूंदै के ठीक पीछे टाटा मोटर्स रही, जिसने 63,558 यूनिट बेचकर 12.38 फीसदी मार्केट शेयर हासिल किया। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा 63,366 यूनिट की बिक्री और 12.34 फीसदी हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रही।

मारुति सुजुकी ने एक बार फिर अपनी लीडरशिप बरकरार रखी। कंपनी ने 2,16,043 यूनिट की बिक्री के साथ करीब 42 फीसदी मार्केट शेयर अपने नाम किया। यह आंकड़ा पिछले साल जनवरी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है, जो ब्रांड की मजबूत पकड़ को दिखाता है।

SUV ट्रेंड से बढ़ी डिमांड

FADA के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल्स की मांग अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही। SUV और कॉम्पैक्ट-SUV सेगमेंट की बढ़ती पसंद ने बिक्री को सपोर्ट किया है। इसके साथ ही एंट्री-लेवल कारों की वापसी, बेहतर प्रोडक्ट अवेलेबिलिटी और कंपनियों की आकर्षक स्कीम्स ने ग्राहकों को शोरूम तक खींचा।

एक अहम संकेत यह भी रहा कि डीलर नेटवर्क में इन्वेंट्री घटकर 32–34 दिन पर आ गई है। इसका मतलब है कि स्टॉक मैनेजमेंट पहले से ज्यादा बेहतर हुआ है और डीलरों पर वर्किंग कैपिटल का दबाव कम हुआ है।

दोपहिया सेगमेंट में जबरदस्त तेजी

जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा ग्रोथ दोपहिया वाहनों में देखने को मिली। इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 18.5 लाख यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 20.82 फीसदी की बढ़ोतरी है।

दोपहिया वाहनों की मांग में ग्रामीण भारत की भूमिका सबसे अहम रही। कुल बिक्री में ग्रामीण हिस्सेदारी 56 फीसदी रही, जबकि शहरी हिस्सेदारी 44 फीसदी दर्ज की गई। यह दिखाता है कि गांवों में रोजमर्रा की जरूरतों और रोजगार से जुड़ी मोबिलिटी के लिए बाइक और स्कूटर अब भी पहली पसंद बने हुए हैं।

त्योहारों से मिला ग्रामीण बिक्री को सहारा

FADA अध्यक्ष के अनुसार, ग्रामीण दोपहिया बिक्री 19.77 फीसदी बढ़ी। पोंगल, मकर संक्रांति जैसे त्योहार, शादी का सीजन और बेहतर अफोर्डेबिलिटी इसकी बड़ी वजह रहे।

दिलचस्प बात यह रही कि शहरी दोपहिया बाजार में भी 22.19 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि डिमांड अब सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य खरीदारी में भी सुधार आ रहा है।

डीलरों की प्रतिक्रिया में यह भी सामने आया कि शोरूम में Enquiry लेवल मजबूत बना हुआ है। डिजिटल फॉलो-अप, बेहतर कस्टमर एंगेजमेंट और प्रीमियम व मिड-पावर मोटरसाइकिलों की ओर बढ़ता झुकाव इस ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है।

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की रिकवरी

कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में भी जनवरी में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। इस सेगमेंट की कुल रिटेल बिक्री 1,07,486 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 15.07 फीसदी बढ़ी।

LCV सेगमेंट में 65,505 यूनिट की बिक्री हुई, जिसमें 14.94 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं HCV सेगमेंट में 34,287 यूनिट बिके, जो 14.61 फीसदी की ग्रोथ दिखाते हैं।

डीलरों का कहना है कि फ्रेट मार्केट में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार और पुराने वाहनों के रिप्लेसमेंट ने इस सेगमेंट में भरोसा लौटाया है। सिंगल-ओनर ऑपरेटर्स के बीच भी खरीदारी का माहौल बेहतर हुआ है।

थ्री-व्हीलर मजबूत, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट कमजोर

जनवरी में थ्री-व्हीलर सेगमेंट की बिक्री में 18.80 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह शहरी और सेमी-अर्बन इलाकों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की जरूरत को दर्शाता है।

वहीं कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (Construction Equipment) सेगमेंट में 21.09 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। FADA के मुताबिक, इसका कारण हाई बेस इफेक्ट और सेगमेंट में चल रहा री-कैलिब्रेशन है।

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