नए साल में भारतीय ग्राहकों के लिए टीवी खरीद महंगी हो सकती है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, जनवरी से LED और स्मार्ट टीवी की कीमतों में 3 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है। रुपये की कमजोरी और मेमोरी चिप्स की कमी मुख्य कारण हैं, जो मिड और बजट सेगमेंट को सबसे अधिक प्रभावित कर सकते हैं।
TV Price Hike in India: नए साल की शुरुआत से LED और स्मार्ट टीवी की कीमतें भारत में बढ़ सकती हैं। इंडस्ट्री के मुताबिक, जनवरी 2026 से टीवी की कीमतों में 3 से 10 प्रतिशत तक इजाफा होने की संभावना है। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण मेमोरी चिप्स की कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी हैं। खासतौर पर मिड और बजट सेगमेंट के ग्राहक इस बढ़ोतरी से प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि भारत में ज्यादातर टीवी पार्ट्स का इंपोर्ट होता है और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता अधिक है।
इंपोर्ट पर निर्भर है टीवी इंडस्ट्री
भारत में बन रहे LED टीवी में केवल 30 प्रतिशत ही लोकल वैल्यू एडिशन होता है। बाकी के अहम पार्ट्स जैसे ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड विदेशों से आयात किए जाते हैं। रुपये की कमजोरी और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट का सीधा असर टीवी की लागत पर पड़ता है।
इस वजह से मिड और बजट सेगमेंट में ग्राहकों को कीमतों में वृद्धि का सीधा असर देखने को मिल सकता है। हाल ही में GST घटने के बाद मांग में तेजी आई थी, लेकिन अब यह इजाफा मांग को प्रभावित कर सकता है।

मेमोरी चिप्स की भारी कमी
दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की किल्लत के कारण टीवी कंपनियों की लागत बढ़ रही है। AI सर्वर्स और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की बढ़ती मांग से चिप्स की सप्लाई टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के लिए घट गई है। इसके कारण DRAM और फ्लैश मेमोरी की कीमतों में तेज़ी आई है।
कंपनियों के लिए यह चुनौती बड़ी है, क्योंकि कमजोर रुपया और बढ़ती चिप कीमतें मिलकर उत्पादन लागत पर दबाव डाल रही हैं।
कंपनियों की चेतावनी
Haier Appliances India के प्रेसिडेंट एन.एस. सतीश ने बताया कि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का बोझ झेलने में कठिनाई महसूस कर रही हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, LED टीवी की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है और कई कंपनियों ने डीलर्स को इसकी जानकारी पहले ही दे दी है।













