जयपुर के जगतपुरा इलाके में 23 वर्षीय नमन सिहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गहराता जा रहा है। परिजनों ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नमन की आत्महत्या नहीं, बल्कि गला घोंटकर हत्या की गई है और सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई है।
जयपुर: जगतपुरा के अशोक विहार में नमन सिहरा (23) का शव 29 अक्टूबर को उसके ही प्लॉट में फंदे से लटका मिला था। मृतक की मां सुशीला मीना ने प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नमन की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “सांस घुटना” बताया गया, जबकि शरीर पर ताजे चोटों के निशान भी मिले। परिजनों का आरोप है कि नमन के मोबाइल फोन से चैट और कॉल हिस्ट्री डिलीट कर सबूत मिटाए गए। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक केवल मर्ग दर्ज की है। प्रतापनगर थाना पुलिस का कहना है कि एफएसएल टीम से साक्ष्य जुटाए गए हैं और जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
शिक्षिका ने दी चेतावनी, करूंगी आत्महत्या
जोधपुर के बिलाड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत सुशीला मीना ने जयपुर प्रेस क्लब में भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर पुलिस ने बेटे नमन सिहरा की मौत को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की, तो वह बुधवार को सार्वजनिक रूप से आत्महत्या करेंगी। उन्होंने प्रतापनगर थाना पुलिस पर लापरवाही और मामले को दबाने का आरोप लगाया। सुशीला ने कहा कि नमन उनका इकलौता बेटा था, और उसके साथ किसी तरह की मानसिक या आर्थिक समस्या नहीं थी।
चार दोस्तों पर शक, कार्रवाई की मांग
सुशीला मीना ने कहा कि उनके बेटे के चार दोस्तों पर शक है, जिनसे पुलिस ने अब तक पूछताछ नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआत से ही मामले को आत्महत्या बताने में जुटी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल डेटा से साफ है कि नमन की हत्या की गई। सुशीला ने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी।










