जूलियन वेबर के मेंटर बरखार्ड लुक्स बनेंगे भारतीय जेवलिन टीम के नए कोच? AFI से हुई बातचीत

जूलियन वेबर के मेंटर बरखार्ड लुक्स बनेंगे भारतीय जेवलिन टीम के नए कोच? AFI से हुई बातचीत

भारत में जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) अब केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी एक मजबूत परंपरा बन गया है। नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप सफलता के बाद भारत में जेवलिन थ्रोअरों की एक नई पीढ़ी उभर रही है। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: नीरज चोपड़ा की ओलंपिक में दोहरी सफलता के बाद भारत जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और अब देश में प्रतिभाओं को तराशने के लिए एक और जर्मनी के दिग्गज कोच को सेवाएं लेने की तैयारी की जा रही है। यू हॉन और नीरज की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले क्लास बार्टोनिएट्ज के बाद भारतीय एथलेटिक महासंघ (एएफआई) अब जर्मनी के जूलियन वेबर के कोच बरखार्ड लुक्स पर दांव लगाने जा रहा है। जूलियन ने पिछले वर्ष 91.51 मीटर का भाला फेंक रिकॉर्ड बनाया था।

बरखार्ड और एएफआई के बीच बातचीत के कुछ दौर पहले ही हो चुके हैं। सब कुछ ठीक रहा तो रियो ओलंपिक चैंपियन थॉमस रोहलर और बरनार्ड सीफर्ट जैसे जेवलिन थ्रोअरों को प्रशिक्षित कर चुके बरखार्ड जल्द ही भारतीय जेवलिन थ्रोअरों को प्रशिक्षित करते नजर आएंगे।

कौन हैं बरखार्ड लुक्स?

बरखार्ड लुक्स को जेवलिन थ्रो की तकनीकी बारीकियों का मास्टर माना जाता है। उन्होंने जर्मनी के कई विश्वस्तरीय भाला फेंक एथलीटों को तराशा है।
खास बात यह है कि वह जूलियन वेबर के कोच रहे हैं, जिन्होंने 2024 में पहली बार 91.51 मीटर का विशाल थ्रो कर दुनिया को चौंका दिया था। इसके अलावा बरखार्ड ने

  • थॉमस रोहलर (रियो ओलंपिक 2016 गोल्ड मेडलिस्ट)
  • बर्नार्ड सीफर्ट जैसे दिग्गज थ्रोअरों के साथ भी काम किया है।

उनकी पहचान सिर्फ तकनीक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मानसिक मजबूती, प्रतियोगिता दबाव से निपटने और निरंतरता बनाए रखने पर भी खास जोर देते हैं।

AFI और बरखार्ड के बीच बातचीत

AFI से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बरखार्ड लुक्स और महासंघ के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो जल्द ही उन्हें भारतीय जेवलिन थ्रो प्रोग्राम से जोड़ा जा सकता है। सूत्रों का कहना है, इस समय भारत में जेवलिन थ्रो में कई प्रतिभाशाली एथलीट हैं। एक कोच सभी पर ध्यान नहीं दे सकता, इसलिए हमें एक से अधिक विदेशी विशेषज्ञों की जरूरत है।

फिलहाल सर्गेई माकारोव भारतीय जेवलिन थ्रो टीम के साथ जुड़े हुए हैं, लेकिन बरखार्ड को दूसरे विदेशी कोच के रूप में शामिल करने की तैयारी है। यह भी साफ कर दिया गया है कि नीरज चोपड़ा को अपने कोच चुनने की पूरी आज़ादी दी गई है। अभी नीरज अपने पुराने और भरोसेमंद कोच जय चौधरी के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। AFI सूत्रों के मुताबिक, अगर भविष्य में नीरज किसी विदेशी कोच के साथ काम करने की इच्छा जताते हैं, तो महासंघ उनकी मांग को पूरा करेगा।

भारतीय जेवलिन टीम को क्या होगा फायदा?

बरखार्ड जैसे कोच के आने से भारत को कई स्तरों पर फायदा हो सकता है:

  • थ्रो की रन-अप, रिलीज एंगल और बॉडी बैलेंस में तकनीकी सुधार
  • बड़े टूर्नामेंट से पहले मेंटल ट्रेनिंग और रणनीति
  • जूनियर खिलाड़ियों को 90 मीटर क्लब की ओर तैयार करना
  • नीरज चोपड़ा के बाद भी भारत की मेडल परंपरा बनाए रखना

खास बात यह है कि बरखार्ड ने जूलियन वेबर को पॉट्सडेम (जर्मनी) में ट्रेनिंग दी और पहली बार उन्हें 90 मीटर पार कराया, जो उनकी कोचिंग क्षमता का बड़ा प्रमाण है।

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