झारखंड विधानसभा में JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर विपक्ष ने CBI जांच की मांग उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। सत्तापक्ष ने पलटवार किया, जबकि शोर-शराबे के बीच अनुपूरक बजट पेश हुआ और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्ष ने विवादित परीक्षाओं को रद्द कर अदालत की निगरानी में CBI जांच की मांग की, जबकि सरकार ने आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष के पुराने रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित रही।
CBI जांच की मांग पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC की कथित विवादित भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की। इसके बाद भाजपा और एनडीए के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध के कारण सदन की सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही और प्रश्नकाल भी सुचारु रूप से नहीं चल सका।
सरकार का पलटवार, हंगामे के बीच पेश हुआ अनुपूरक बजट
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भाजपा को JPSC की पहली और दूसरी सिविल सेवा परीक्षा के दौरान उठे विवादों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उठाने का आरोप लगाया। लगातार हंगामे के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। सरकार ने 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, जिस पर अब सोमवार को चर्चा होगी। शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः सोमवार तक के लिए सदन स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा के बाहर भी तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
सदन के बाहर भी JPSC-JSSC विवाद पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर कहा कि राज्य की कई भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं और सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अदालत की निगरानी में CBI से कराई जानी चाहिए।
वहीं, पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर भाजपा नेता अमर बाउरी ने JMM पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता JPSC विवाद पर चुप्पी साधे हुए हैं। सत्तापक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया और कहा कि सरकार पारदर्शी प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।
पहली बार सदन में रखी गई SLBC रिपोर्ट
शुक्रवार की कार्यवाही के दौरान राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की रिपोर्ट भी पहली बार विधानसभा पटल पर रखी गई। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों को राज्य में बैंकिंग गतिविधियों और वित्तीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी मिलेगी। हालांकि JPSC-JSSC विवाद पर जारी हंगामे के कारण इस विषय पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।











