रांची की CID कोर्ट में JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा घोटाले के आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। CID ने छह बैग में केस से जुड़े दस्तावेज पेश किए, जिसके बाद अगली सुनवाई 1 सितंबर तय हुई।
रांची: JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता और नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में एल. खियांग्ते, अभय तिवारी और श्वेता गुप्ता समेत आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई मंगलवार को हुई। CID ने कोर्ट में केस डायरी के साथ छह बैग में दस्तावेज और अन्य जानकारी पेश की। दस्तावेजों के अवलोकन के लिए समय दिए जाने के बाद सुनवाई 1 सितंबर तक टाल दी गई।
CID कोर्ट में छह बैग दस्तावेज पेश
झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी और नियुक्ति में पैसों के लेनदेन के मामले में मंगलवार को CID कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में एल. खियांग्ते, अभय तिवारी और तत्कालीन प्रभारी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत अन्य आरोपितों की जमानत याचिकाएं अदालत के सामने थीं।
सुनवाई के दौरान CID की ओर से केस डायरी के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारियां छह बैग में भरकर अदालत में पेश की गईं। दस्तावेजों की बड़ी संख्या को देखते हुए उनके अवलोकन के लिए लोक अभियोजक को समय दिया गया। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख निर्धारित की।
नौकरी के बदले पैसे लेने का आरोप
CID इस मामले में JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के दौरान कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लिए जाने से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद अभय तिवारी समेत अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की गई।
जांच एजेंसी की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। मामले में TDPL एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सीटों के बदले कथित तौर पर पैसे लेने और नौकरी के सौदे से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
श्वेता गुप्ता की ओर से जमानत की मांग
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और देवर्षि मंडल ने अदालत में पक्ष रखा। आरोपितों की ओर से अदालत से जमानत देने का अनुरोध किया गया।
अब अगली सुनवाई में CID की केस डायरी और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर दोनों पक्षों की दलीलें आगे बढ़ेंगी। अदालत इसी आधार पर जमानत याचिकाओं पर आगे विचार करेगी।
CID जांच में कई पहलुओं पर फोकस
CID फिलहाल 14वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामलों की जांच कर रही है। जांच में नौकरियों के बदले रकम के लेनदेन के आरोपों को भी शामिल किया गया है।
एजेंसी ने इस मामले में मुख्य आरोपित अभय तिवारी समेत कई लोगों से पूछताछ की है। पूछताछ और जांच के दौरान परीक्षा प्रक्रिया तथा कथित लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी जुटाई गई है।
1 सितंबर की सुनवाई पर रहेगी नजर
मंगलवार की सुनवाई में अदालत के सामने दस्तावेजों का बड़ा रिकॉर्ड पेश होने के बाद आरोपितों की जमानत पर तत्काल फैसला नहीं हुआ। अब 1 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और जमानत याचिकाओं पर दलीलें सुनी जाएंगी।











