कैथल में बिजली बिल डिफॉल्टरों पर सख्ती, 665 उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

कैथल में 665 बिजली बिल डिफॉल्टरों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है। UHBVN ने 13 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया वसूली अभियान शुरू किया।

UHBVN ने हरियाणा के Kaithal में लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले 665 उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बकाया राशि जमा नहीं करने पर उनकी संपत्तियां कुर्क की जा सकती हैं।

 Haryana: Kaithal में बिजली बिल बकायेदारों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बिजली निगम ने 665 बड़े डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के मामलों को राजस्व विभाग को सौंप दिया है। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

665 उपभोक्ताओं पर 13 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया

बिजली निगम के अनुसार जिन 665 उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, उन पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है।

इनमें:

  • Kaithal Division के 370 उपभोक्ताओं पर 8 करोड़ 68 लाख रुपये
  • Guhla Division के 52 उपभोक्ताओं पर 89 लाख रुपये
  • Pundri Division के 243 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 16 लाख रुपये

निगम का कहना है कि अब बकाया वसूली के लिए लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर भी लग सकती है रोक

अधिकारियों के मुताबिक बकाया राशि जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्तियों पर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाई जा सकती है।

तहसीलदार स्तर पर नोटिस जारी किए जाएंगे और तय समय में भुगतान नहीं होने पर संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जिले में 6 हजार से ज्यादा बड़े डिफॉल्टर

निगम के आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले कुल 6129 उपभोक्ता डिफॉल्टर श्रेणी में हैं। इन पर करीब 180 करोड़ 14 लाख रुपये का बिजली बिल लंबित है।

सबसे अधिक बकाया:

  • कैथल डिवीजन में 129 करोड़ 4 लाख रुपये
  • गुहला डिवीजन में 17 करोड़ 7 लाख रुपये
  • पूंडरी डिवीजन में 34 करोड़ 3 लाख रुपये

निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी बकायेदारों की सूची तहसील प्रशासन को भेजी जा सकती है।

तीन चरणों में भेजे गए नोटिस

बिजली निगम ने वसूली अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया है। पहले चरण में 2409 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए थे। इसके बाद दूसरे चरण में 888 और तीसरे चरण में 788 उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस जारी किए गए।

इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया राशि जमा नहीं करवाई, जिसके बाद अब सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है।

निगम ने दी सख्त चेतावनी

Somveer Bhalothia ने कहा कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद कई उपभोक्ता भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे में निगम को नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए समय पर बिल भुगतान जरूरी है। साथ ही जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए 24 टीमों का गठन भी किया गया है।

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