कानपुर में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शहर लगातार करीब 10 घंटे तक तेज धूप में तपता रहा और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आईं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।
मौसम विभाग के अनुसार, शहर में 28 मई तक लू चलने की संभावना है। तेज गर्म हवाएं और उमस लोगों की परेशानी और बढ़ा सकती हैं। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। हालांकि 29 और 31 मई को आंधी और हल्की बारिश के आसार भी जताए गए हैं, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
भीषण गर्मी के कारण शहर में दिनभर गर्म हवा के थपेड़े चलते रहे। धूप इतनी तेज थी कि लोग सिर और चेहरा ढककर बाहर निकलते दिखाई दिए। बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिली।
कानपुर के अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार तेज धूप में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। यदि समय पर पानी और जरूरी देखभाल न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और ORS का सेवन करने को कहा गया है।
शहर में गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिख रहा है। AC और कूलर के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। कई इलाकों में लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के असर से महीने के अंत में मौसम बदल सकता है। 29 और 31 मई को तेज हवा, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गर्मी का असर बना हुआ है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और लू का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर भी लोग गर्मी को लेकर पोस्ट साझा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने सड़क पर सूने पड़े बाजारों, तपती सड़कों और गर्म हवाओं के वीडियो अपलोड किए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीटवेव की घटनाएं पहले से ज्यादा गंभीर होती जा रही हैं। आने वाले वर्षों में गर्मी से बचाव के लिए बेहतर तैयारी और जागरूकता जरूरी होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।









