काशी में पूर्वांचल की सबसे बड़ी ध्वज यात्रा, हनुमान जयंती पर संकट मोचन मंदिर में उमड़ा जनसैलाब

काशी में हनुमान जयंती पर पूर्वांचल की सबसे बड़ी ध्वज यात्रा निकली, संकट मोचन मंदिर में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, LIVE अपडेट।
काशी में पूर्वांचल की सबसे बड़ी ध्वज यात्रा, हनुमान जयंती पर संकट मोचन मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
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वाराणसी यानी काशी में हनुमान जयंती के मौके पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां पूर्वांचल की सबसे बड़ी ध्वज यात्रा निकाली गई। इस भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा शहर जय श्रीराम और हनुमान जी के जयकारों से गूंज उठा। संकट मोचन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और अनुमान है कि एक लाख से ज्यादा भक्तों ने भगवान के दर्शन किए।

सुबह होते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भक्त लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई श्रद्धालु रात से ही लाइन में लग गए थे ताकि उन्हें सबसे पहले दर्शन का अवसर मिल सके। मंदिर के बाहर और अंदर भक्ति का माहौल देखने लायक था, जहां हर कोई पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में लगा हुआ था।

ध्वज यात्रा का आयोजन इस बार और भी भव्य तरीके से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्त अपने हाथों में ध्वज लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए भक्ति भाव में डूबे नजर आए। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत की व्यवस्था की गई थी और श्रद्धालुओं के लिए जलपान का भी इंतजाम किया गया था।

पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही थी, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

हनुमान जयंती के इस खास मौके पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजे मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही थी। श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे थे और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह ध्वज यात्रा पूर्वांचल की सबसे बड़ी यात्रा मानी जाती है और हर साल इसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। इस बार भी आयोजन ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए और श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा रही।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया था, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। कई रास्तों को डायवर्ट किया गया और वाहनों के आवागमन को नियंत्रित किया गया। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर भारी भीड़ के कारण धीमी गति से यातायात चलता रहा।

श्रद्धालुओं का कहना है कि काशी में हनुमान जयंती का अलग ही महत्व है और यहां आकर पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। कई भक्त दूर-दराज के जिलों और राज्यों से यहां पहुंचे थे, जिन्होंने इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली माना।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक श्रद्धा का भी अद्भुत उदाहरण है। काशी में उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि आस्था की ताकत आज भी लोगों को एक साथ जोड़ने का काम करती है।

फिलहाल पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ व्यवस्था बनाए हुए है। उम्मीद है कि देर रात तक इसी तरह श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहेगी और हनुमान जयंती का यह पर्व पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न होगा।

 

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