लिंक्डइन के अधिकारी अनीश रमन ने बताया कि आज के युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती तेजी से बदलती तकनीक और एआई के कारण बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिग्री नहीं, बल्कि क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और डिजिटल स्किल्स जैसी क्षमताएं ही भविष्य में करियर बनाने की कुंजी होंगी।
Employment and Skill Development: लिंक्डइन के चीफ इकोनॉमिक अपॉर्च्युनिटी ऑफिसर अनीश रमन ने हाल ही में कहा कि एआई और ऑटोमेशन के दौर में युवाओं के सामने "परफेक्ट स्टॉर्म" जैसी स्थिति बन गई है, जहां पारंपरिक नौकरियां घट रही हैं और नई भूमिकाओं के लिए स्किल्स की मांग बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन, एडेप्टेबिलिटी और डिजिटल नॉलेज जैसी फ्यूचर स्किल्स अपनाने से युवा बदलती जॉब मार्केट में अपने लिए बेहतर अवसर तैयार कर सकते हैं।
कौन-सी स्किल्स करेंगी आपकी मदद
अनीश रमन के अनुसार, आने वाले समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि फ्यूचर स्किल्स युवाओं को रोजगार दिलाने में अहम होंगी। इनमें सबसे जरूरी हैं—क्रिटिकल थिंकिंग, यानी जानकारी को समझकर उपयोग करने की क्षमता, और कम्युनिकेशन स्किल्स, जिससे आप अपने विचार स्पष्ट रूप से सामने रख सकें।
इसके अलावा एडेप्टेबिलिटी, यानी बदलावों को अपनाने की क्षमता, और इमोशनल इंटेलिजेंस, यानी टीम में काम करने और दूसरों की भावनाएं समझने की योग्यता, करियर ग्रोथ में अहम साबित होंगी। रचनात्मक सोच और डिजिटल नॉलेज भी युवाओं को एआई के दौर में आगे बनाए रखेगी।

अभी नौकरी नहीं मिली? ऐसे बढ़ाएं मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी की तलाश से पहले खुद की स्किल्स का ऑडिट करना जरूरी है। यानी यह समझना कि आपके पास कौन-सी क्षमताएं हैं और किन्हें सुधारने की जरूरत है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Coursera, Udemy और LinkedIn Learning से नई स्किल्स सीखना युवाओं के लिए आसान और किफायती विकल्प हैं।
साथ ही, नेटवर्किंग अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है। लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहकर अपने प्रोफेशनल कनेक्शन बढ़ाएं। छोटे प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप या फ्रीलांस काम से शुरुआत करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रोफेशनल पहचान मजबूत होती है।
एआई से डरें नहीं, उसे अपनाएं
सर्वे के मुताबिक, 63% बिजनेस लीडर्स मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब कई एंट्री-लेवल काम संभाल रहा है। लेकिन उतने ही लीडर्स का यह भी मानना है कि युवाओं की नई सोच और क्रिएटिविटी कंपनियों के लिए जरूरी हैं। यानी एआई को प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी बनाना ही भविष्य की कुंजी है।











