Laddu Holi 2026: बरसाना में 24 फरवरी लड्डू होली, 25 फरवरी लठामार होली, जारी हुआ कार्यक्रम

Laddu Holi 2026: बरसाना में 24 फरवरी लड्डू होली, 25 फरवरी लठामार होली, जारी हुआ कार्यक्रम

विश्व प्रसिद्ध बरसाना की होली का कार्यक्रम तय हो चुका है। इस बार यह उत्सव 24 फरवरी से 26 फरवरी तक मनाया जाएगा, जब बरसाना और नंदगांव राधा-कृष्ण प्रेम की जीवंत लीला के साक्षी बनेंगे।

मथुरा: विश्व प्रसिद्ध बरसाना की होली 2026 का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। मथुरा जिले के बरसाना और नंदगांव में हर साल आयोजित होने वाली यह अनोखी होली न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। वर्ष 2026 में यह भव्य आयोजन 24 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राधा-कृष्ण प्रेम की जीवंत परंपरा देखने को मिलेगी।

आयोजकों और प्रशासन ने कार्यक्रम जारी होते ही तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर प्रबंधन, स्थानीय समितियां और प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

24 फरवरी: श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगा शुभारंभ

24 फरवरी 2026 को बरसाना के श्रीजी मंदिर में पारंपरिक लड्डू होली के साथ फाल्गुन महोत्सव अपने मुख्य चरण में प्रवेश करेगा। इस दिन मंदिर परिसर में भक्तों पर प्रसाद स्वरूप लड्डू बरसाए जाएंगे। जैसे ही श्रद्धालुओं के हाथों में लड्डू पड़ेंगे, वैसे ही फाग गीतों की तान, ढोल-नगाड़ों की गूंज और गुलाल की बौछार से पूरा बरसाना धाम रंगीन हो उठेगा। लड्डू होली को राधारानी की कृपा और आनंद का प्रतीक माना जाता है। यही वह दिन होता है, जब ब्रज की होली अपने शिखर की ओर बढ़ती है।

25 फरवरी: बरसाना में होगी विश्व प्रसिद्ध लठामार होली

25 फरवरी को बरसाना में दुनिया भर में मशहूर लठामार होली खेली जाएगी। इस दिन राधारानी के आंगन में रंगीली गली का दृश्य अत्यंत अद्भुत होता है। बरसाना की हुरियारिनें घूंघट ओढ़े लाठियां थामकर तैयार रहती हैं, जबकि नंदगांव से आए हुरियारे ढाल सजाकर राधा के गांव में प्रवेश करते हैं। पहली लाठी की थाप के साथ “जय राधे” का उद्घोष गूंजता है और प्रेम, हास्य व भक्ति से भरी यह परंपरा शुरू हो जाती है। यह होली किसी संघर्ष का नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम और ब्रज संस्कृति का उत्सव है।

26 फरवरी: नंदगांव में सजेगी प्रेम रस की होली

26 फरवरी को लठामार होली की यही लीला नंदगांव में आयोजित होगी। इस दिन बरसाने की गोपियां नंदगांव की गलियों में पहुंचती हैं और फाग गीतों, ढोल-नगाड़ों और गुलाल के बीच प्रेम रस की होली खेली जाती है। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन भावनाओं और भक्ति से भर देने वाला होता है। बरसाना की होली केवल तीन दिनों का पर्व नहीं, बल्कि लगभग 40 दिनों तक चलने वाली धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। 

मंदिर सेवायत रास बिहारी गोस्वामी के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन श्रीजी मंदिर में होली का डांडा गाड़े जाने के साथ ही इस उत्सव की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद फाल्गुन पूर्णिमा तक मंदिर में समाज गायन चलता है। महाशिवरात्रि के दिन लठामार होली की प्रथम चौपाई निकलते ही राधारानी के आंगन की लीला का विधिवत शुभारंभ माना जाता है।

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