लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 11 लोग मरे और 20 घायल हुए, जांच एजेंसियाँ घटनास्थल सील कर फॉरेंसिक परीक्षण कर रही हैं तथा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नेताजी सुभाष मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया।
New Delhi: दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार ब्लास्ट के बाद राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस धमाके में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और पास से गुजर रहे लोग घायल हो गए। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 20 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस, एनएसजी, सेना और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ जांच में जुटी हैं। सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ-साथ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि नेताजी सुभाष मार्ग पर, छत्ता रेल कट से सुभाष मार्ग कट तक दोनों दिशाओं में यातायात को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह प्रतिबंध मुख्य सड़क और सर्विस रोड दोनों पर लागू है। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और जांच टीमों को बिना व्यवधान काम करने देने के उद्देश्य से लिया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने साफ कहा है कि नागरिकों को सुबह 6 बजे से अगले आदेश तक इन मार्गों से बचने की सलाह दी जाती है। इस दौरान कोई भी वाहन इस रूट पर नहीं चलेगा। लोगों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग (alternate routes) चुनने की अपील की गई है ताकि उन्हें आवागमन के दौरान परेशानी न हो।
किन रास्तों पर जाने से बचें
यातायात प्रतिबंध मुख्य रूप से नेताजी सुभाष मार्ग और उससे जुड़े आंतरिक संपर्क मार्गों पर लागू हैं। यात्रियों के लिए सलाह जारी की गई है कि वे इन रास्तों से न गुजरें और अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। इस रूट पर किसी भी तरह के वाहन को अनुमति नहीं होगी, चाहे वह निजी हो, सार्वजनिक परिवहन हो या व्यापारीक उपयोग का वाहन।

लाल किला पर्यटकों के लिए बंद
घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर को अगले आदेश तक आम जनता के लिए बंद कर दिया है। यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है। सामान्य दिनों में यहां काफी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग आते हैं, लेकिन फिलहाल प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
लाल किले के पास रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा आर्मी की एक विशेष टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है। इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देख रही हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और आने-जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों की सक्रियता
घटना के बाद दिल्ली पुलिस, एनएसजी, बम निरोधक दस्ते, FSL (Forensic Science Laboratory) टीम और खुफिया एजेंसियाँ लगातार घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं। कार में हुए विस्फोट की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि धमाका साधारण वाहन आग या तकनीकी खराबी से नहीं हुआ, बल्कि इसमें विस्फोटक (explosive material) का उपयोग होने की आशंका है। इसी कारण जांच को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है।











