Land for Job Case में आज राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने आरोपों से इनकार कर ट्रायल का सामना करने की बात कही। CBI ने 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
Patna: लैंड फॉर जॉब केस में आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली की Rouse Avenue Court में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई हो रही है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख Lalu Prasad Yadav और पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi सुनवाई के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
सूत्रों के मुताबिक लालू प्रसाद यादव पटना से दिल्ली रवाना होने के बाद अपने रूटीन हेल्थ चेकअप भी कराएंगे। पिछली सुनवाई के दौरान वे व्हीलचेयर पर अदालत पहुंचे थे, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा बनी रही।
आरोप तय करने की प्रक्रिया पर बहस
आज की सुनवाई में कोर्ट ने आरोप तय करने की प्रक्रिया पर बहस की। अदालत ने आरोपियों से पूछा कि क्या वे अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार करते हैं। लालू प्रसाद यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे ट्रायल का सामना करेंगे।
राबड़ी देवी ने भी अदालत में स्पष्ट किया कि वे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। दोनों नेताओं ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे न्यायालय की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम है, क्योंकि इसमें एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और उनके परिवार के सदस्य आरोपी हैं। ऐसे में कोर्ट की हर टिप्पणी पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी क्या थी

करीब 18 दिन पहले हुई सुनवाई में विशेष जज ने कहा था कि प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप बनते हैं। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि सरकारी नौकरी के बदले संपत्ति लेने की साजिश रचे जाने के संकेत मिलते हैं।
कोर्ट ने इसे संगठित आपराधिक षड्यंत्र की तरह देखा। हालांकि अदालत ने साफ किया कि आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
CBI की जांच और चार्जशीट
इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation कर रही है। CBI ने कुल 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। एजेंसी के अनुसार यह कथित साजिश 2004 से 2009 के बीच रची गई थी।
CBI का आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्ति के बदले जमीन ली गई। जांच एजेंसी का दावा है कि जिन लोगों को नौकरी दी गई, उनसे या उनके परिजनों से जमीन लेकर उसे परिवार के सदस्यों या एक कंपनी के नाम ट्रांसफर कराया गया।
एजेंसी का यह भी कहना है कि कई मामलों में जमीन का ट्रांसफर नौकरी मिलने से पहले ही कर लिया गया था। इन दस्तावेजों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है।
क्या है पूरा आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे में नियुक्ति प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया। नौकरी के बदले जमीन लेने की कथित व्यवस्था बनाई गई। जिन जमीनों का ट्रांसफर हुआ, वे कथित तौर पर बाजार मूल्य से कम कीमत पर ली गईं।
CBI का कहना है कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया। हालांकि बचाव पक्ष इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बता रहा है। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।











