लखनऊ में कार धू-धूकर जली, दवा व्यापारी जिंदा जला: दमकल पहुंची तब तक सिर्फ कंकाल बचा; एक हाथ सीट में फंसा मिला

लखनऊ में कार में भीषण आग लगने से दवा व्यापारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। दमकल पहुंची तो कार में सिर्फ कंकाल बचा था, हाथ सीट में फंसा मिला।
लखनऊ में कार धू-धूकर जली, दवा व्यापारी जिंदा जला: दमकल पहुंची तब तक सिर्फ कंकाल बचा; एक हाथ सीट में फंसा मिला
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक दर्दनाक हादसे में कार में आग लगने से दवा व्यापारी की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि दमकल की टीम जब मौके पर पहुंची और आग बुझाई, तब तक कार के अंदर सिर्फ जला हुआ कंकाल बचा था। बताया जा रहा है कि मृतक का एक हाथ कार की सीट में फंसा हुआ मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आग लगने के बाद उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन सफल नहीं हो सके।

घटना की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सड़क पर खड़ी कार कुछ ही देर में आग की लपटों से घिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने जब वाहन से धुआं और आग निकलते देखा तो पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।

आग इतनी तेज थी कि कार के अंदर बैठे व्यक्ति को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक आग ने वाहन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग बुझने के बाद कार की स्थिति देखकर मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए। वाहन का अधिकांश हिस्सा बुरी तरह जल चुका था। अंदर देखने पर मानव शरीर का केवल जला हुआ अवशेष मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव के अवशेषों को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

मृतक की पहचान दवा व्यापारी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लिए यह खबर बेहद सदमे वाली रही। जिस व्यक्ति के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उसकी मौत की सूचना इतनी भयावह परिस्थितियों में मिली कि परिजनों को यकीन करना भी मुश्किल हो गया।

पुलिस अब आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि कार में आग किस वजह से लगी। क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी, शॉर्ट सर्किट हुआ या किसी अन्य कारण से आग लगी, इसकी जांच की जा रही है।

घटना के दौरान कार में आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद व्यक्ति को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। कार के अंदर हाथ के सीट में फंसे होने की बात सामने आने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि मृतक ने आग से बचने के लिए बाहर निकलने की कोशिश की होगी।

दमकल विभाग की टीम भी आग लगने के कारणों की जानकारी जुटा रही है। वाहन में पेट्रोल, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल सकती है। हालांकि घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस ने कार की जांच के दौरान उसके नंबर और अन्य पहचान संबंधी जानकारी जुटाई। मृतक की पहचान परिवार के लोगों से बातचीत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की गई। शव की स्थिति अत्यधिक जली होने के कारण पहचान की प्रक्रिया भी चुनौतीपूर्ण रही।

घटना के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल रहा। सड़क पर वाहन को जलते देख लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। आग की लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं। पुलिस ने भीड़ को घटनास्थल से दूर रखा और दमकलकर्मियों को आग बुझाने में मदद करने के लिए रास्ता खाली कराया।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वाहन को भी कब्जे में लेकर तकनीकी जांच कराई जा सकती है। फोरेंसिक टीम आग के कारणों और वाहन के अंदर की परिस्थितियों की जांच करेगी। यदि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उस दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

कार में आग लगने की घटनाओं में अक्सर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। वाहन में आग लगने के बाद दरवाजे लॉक होने, सीट बेल्ट फंसने या धुआं तेजी से भरने की स्थिति में बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इस मामले में ऐसा क्या हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

लखनऊ की इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दमकल के पहुंचने तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और उसके अंदर दवा व्यापारी के शरीर का सिर्फ कंकाल बचा था। एक हाथ सीट में फंसा मिलने की जानकारी ने हादसे की भयावहता को और बढ़ा दिया है।

पुलिस और दमकल विभाग अब घटना के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। आग लगने की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज वाहन में लगी आग का हादसा था या इसके पीछे कोई और कारण था।

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