लखनऊ में देर रात अचानक मौसम बदल गया। तेज धूलभरी आंधी ने शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई जगह होर्डिंग उखड़ गए, टीन शेड उड़ गए और पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर पड़ीं।
नौतपा के पहले ही दिन मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर दी, लेकिन तेज आंधी के कारण कई इलाकों में परेशानी भी देखने को मिली। देर रात चली तेज हवाओं के दौरान सड़कों पर धूल का गुबार छा गया और विजिबिलिटी काफी कम हो गई।
लखनऊ के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कुछ जगहों पर तार टूटने और पेड़ गिरने के कारण देर रात तक बिजली बाधित रही। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी रहीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आंधी इतनी तेज थी कि कई दुकानों के बाहर लगे बोर्ड और अस्थायी ढांचे गिर गए। कुछ इलाकों में लोग डर के कारण घरों से बाहर निकलने से बचते रहे।
भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही मौसम में बदलाव की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली के असर से यह बदलाव देखा जा रहा है।
तेज आंधी के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहें।
लखनऊ नगर निगम की टीमें रात से ही सड़कों पर गिरे पेड़ और टूटे होर्डिंग हटाने के काम में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर भी आंधी के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोगों ने तेज हवाओं और उड़ती धूल के दृश्य साझा किए। कुछ यूजर्स ने मौसम में आए बदलाव को राहत भरा बताया, जबकि कई लोगों ने अव्यवस्थित होर्डिंग और कमजोर ढांचों पर सवाल उठाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान उत्तर भारत में तेज गर्मी सामान्य बात होती है, लेकिन बीच-बीच में आने वाली आंधी और प्री-मानसून गतिविधियां तापमान में अस्थायी राहत दे सकती हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।












