लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए JPNIC को लेकर भ्रष्टाचार और कब्जे के आरोप लगाए। राजनाथ सिंह के साथ उन्होंने 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए JPNIC परियोजना को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन पर किसी राजनीतिक दल को अधिकार नहीं दिया जा सकता। कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंट में 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
योगी ने सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने समाज को बांटने की राजनीति की और JPNIC परियोजना को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की।
योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में जय प्रकाश नारायण के नाम पर 200 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई थी, लेकिन इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी काम अधूरा रहा। उन्होंने दावा किया कि परियोजना को 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन दो साल बाद भी यह पूरी नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाद में इस परियोजना पर राजनीतिक कब्जे की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने कमेटी को भंग कर JPNIC परियोजना लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंप दी है।
JPNIC के पैसे को लेकर योगी का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परियोजना में खर्च किया गया पैसा किसी राजनीतिक संगठन का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता का है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने से खर्च हुई राशि की वसूली की जाएगी और परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सपा पर कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान दंगे, कर्फ्यू और अवैध कब्जे जैसी समस्याएं थीं। योगी ने कहा कि उनकी सरकार की नीति माफिया, बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जाति और वर्ग के आधार पर समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं। कार्यक्रम में उन्होंने एकता का संदेश देते हुए कहा कि समाज को विभाजन की राजनीति से बचाना जरूरी है।
अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया। दोनों नेताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोधी समाज के लोग भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अवंती बाई लोधी की वीरता का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही।
योगी ने बताया कि सरकार विभिन्न महान व्यक्तित्वों और स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से सामने ला रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए शहर को आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
लखनऊ कैंट में 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का शिलान्यास
राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ कैंट में करीब 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में जलापूर्ति, शिक्षा, खेल सुविधाएं, नागरिक सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और पार्किंग से जुड़े काम शामिल हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ कैंट को आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाला क्षेत्र बनाने के लिए केंद्र, राज्य सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार करना है।
रक्षा संपदा विभाग के अनुसार, लखनऊ छावनी में जल निकासी व्यवस्था, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और मल्टीलेवल रोबोटिक कार पार्किंग समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। एआई आधारित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और मल्टी यूटिलिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
छात्राओं के लिए स्कूटी और अभ्युदय कोचिंग की योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि स्नातक फाइनल ईयर की 50 हजार छात्राओं को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
वहीं, लखनऊ छावनी के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 105 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। शुरुआती चरण में एनडीए और जीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी, जबकि आगे नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी।
राजनाथ सिंह ने लखनऊ के विकास की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों में समान दिशा होने से विकास कार्यों को गति मिलती है। उन्होंने लखनऊ कैंट को आधुनिक, सुरक्षित और नागरिक सुविधाओं से युक्त क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।









