मैनचेस्टर में साई सुदर्शन ने रचा इतिहास, 1296 दिन बाद विदेशी धरती पर खेली अर्धशतकीय पारी

मैनचेस्टर टेस्ट में साई सुदर्शन ने 1296 दिन बाद विदेशी पिच पर अर्धशतक जमाकर इतिहास रचा। इंग्लैंड की नाज़ुक परिस्थितियों में शानदार खेल दिखाते हुए उन्होंने टीम

मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन एक बेहद रोमांचक पल देखने को मिला, जब युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने विदेशी सरजमीं पर अपने टेस्ट करियर की पहली शानदार अर्धशतकीय पारी खेली।

IND vs ENG 4th Test: मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट मैच में साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) ने अपने करियर की पहली विदेशी अर्धशतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न सिर्फ टीम में वापसी की मजबूत दस्तक दी, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जो पिछले 1296 दिनों से किसी भारतीय बल्लेबाज के नाम नहीं था।

टेस्ट टीम में शानदार वापसी

साई सुदर्शन को इस टेस्ट मुकाबले में करुण नायर की जगह मौका दिया गया। करुण लगातार तीन टेस्ट में नाकाम रहे थे और टीम मैनेजमेंट को बदलाव करना पड़ा। भारत ने इस मैच में कुल तीन बदलाव किए – अंशुल कंबोज को डेब्यू का मौका मिला, जबकि शार्दुल ठाकुर और साई सुदर्शन की टेस्ट टीम में वापसी हुई।

इस मौके का सुदर्शन ने पूरा फायदा उठाया और तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 61 रन की संयमित पारी खेली। यह पारी कई मायनों में खास रही क्योंकि उन्होंने तेज और स्विंग गेंदबाजी के खिलाफ बेहद धैर्य के साथ खेल दिखाया, जो विदेशी हालातों में किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती होती है।

मैनचेस्टर में साई सुदर्शन ने रचा इतिहास, 1296 दिन बाद विदेशी धरती पर खेली अर्धशतकीय पारी

1296 दिन बाद तीसरे नंबर पर विदेशी धरती पर बना अर्धशतक

साई सुदर्शन की इस पारी ने एक लंबे अंतराल को भी तोड़ दिया। दरअसल, यह 1296 दिनों में पहली बार है जब किसी भारतीय बल्लेबाज ने विदेशी धरती पर तीसरे नंबर पर खेलते हुए अर्धशतक जड़ा है। इससे पहले यह कारनामा 2021 में हुआ था। इस आंकड़े से यह साफ जाहिर होता है कि तीसरे नंबर पर भारत का प्रदर्शन विदेशों में चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन सुदर्शन की पारी इस ट्रेंड को तोड़ती नजर आई।

मैच में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। पिच पर ओवरकास्ट कंडीशंस को देखते हुए यह निर्णय अपेक्षित था, लेकिन भारत के सलामी बल्लेबाजों यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने बेहतरीन शुरुआत की। जायसवाल ने शानदार अर्धशतक लगाया जबकि राहुल ने 46 रन बनाए।

हालांकि, इसके बाद शुभमन गिल (12 रन) के जल्दी आउट होने और ऋषभ पंत के चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होने से टीम की लय कुछ बिगड़ गई। लेकिन साई सुदर्शन की संयमित पारी ने मिडिल ऑर्डर को संभाल लिया और टीम को फिर से स्थिरता दी।

टीम इंडिया के लिए एक नई उम्मीद

मैनचेस्टर में साई सुदर्शन ने रचा इतिहास, 1296 दिन बाद विदेशी धरती पर खेली अर्धशतकीय पारी

साई सुदर्शन की यह पारी सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि टीम इंडिया के मिडल ऑर्डर के लिए भी एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। लंबे समय से मिडल ऑर्डर में स्थिरता की कमी महसूस की जा रही थी। पंत की फिटनेस पर संदेह और गिल की फॉर्म में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सुदर्शन की फॉर्म में वापसी एक राहत की खबर है।

उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और तकनीकी मजबूती का प्रदर्शन किया, जो किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए बेहद आवश्यक है। उनकी इस पारी से आने वाले मुकाबलों के लिए भी चयनकर्ताओं को एक भरोसेमंद विकल्प मिल सकता है। दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 4 विकेट पर 264 रन बना लिए थे।

रविंद्र जडेजा (19)* और शार्दुल ठाकुर (19)* क्रीज पर मौजूद हैं। टीम अच्छी स्थिति में है और अगर निचले क्रम से समर्थन मिला, तो भारत पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा कर सकता है।

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