मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने सदर्न ब्रेव को 27 रन से हराकर द हंड्रेड महिला प्रतियोगिता में नॉकआउट की उम्मीदें मजबूत कीं। ऋचा घोष ने 54 रन बनाए, जबकि मैडी विलियर्स ने तीन विकेट लिए। सुपर जायंट्स के अब 18 अंक हैं।
The Hundred Women's 2026: द हंड्रेड महिला प्रतियोगिता में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने सदर्न ब्रेव को 27 रन से हराकर नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया है। साउथैम्पटन के यूटिलिटा बाउल में खेले गए मुकाबले में सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में 139 रन बनाए और फिर शानदार गेंदबाजी के दम पर सदर्न ब्रेव को 112 रन पर रोक दिया।
इस जीत की सबसे बड़ी स्टार भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष रहीं, जिन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनके साथ स्मृति मंधाना ने भी 46 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। गेंदबाजी में मैडी विलियर्स ने तीन विकेट लेकर सदर्न ब्रेव की रन चेज को पटरी से उतार दिया।
ऋचा घोष ने बल्ले से मचाया धमाल
टॉस जीतने के बाद मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत बहुत बड़ी नहीं रही, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी ऋचा घोष ने मैच की दिशा बदल दी। ऋचा ने 34 गेंदों का सामना करते हुए 54 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों तरफ आक्रामक शॉट लगाए और सदर्न ब्रेव के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। ऋचा को इस मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया था और उन्होंने टीम प्रबंधन के इस फैसले को सही साबित किया। उनकी आक्रामक पारी ने सुपर जायंट्स की रन गति को तेज किया और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।
स्मृति मंधाना के साथ शानदार साझेदारी
ऋचा घोष को भारतीय टीम की साथी खिलाड़ी स्मृति मंधाना का भी बेहतरीन साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 83 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। स्मृति ने 36 गेंदों में 46 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। मंधाना और घोष की साझेदारी के कारण सुपर जायंट्स की पारी को वह गति मिली, जिसकी टीम को जरूरत थी।
हालांकि, सदर्न ब्रेव की गेंदबाज इज्जी वोंग ने दोनों भारतीय बल्लेबाजों को आउट कर साझेदारी तोड़ी। वोंग ने अपने 20 गेंदों के स्पेल में 24 रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनके प्रयास से ब्रेव ने सुपर जायंट्स को और बड़ा स्कोर बनाने से रोकने की कोशिश की।
सुपर जायंट्स ने 139 रन बनाए
ऋचा और मंधाना के आउट होने के बाद सुपर जायंट्स के बल्लेबाजों ने पारी को संभालते हुए स्कोर को 139 रन तक पहुंचाया। 100 गेंदों में चार विकेट खोकर बनाए गए 139 रन प्रतियोगिता के लिहाज से अच्छा स्कोर साबित हुआ।
सदर्न ब्रेव के सामने जीत के लिए 140 रन का लक्ष्य था। अपने घरेलू मैदान पर खेलने वाली ब्रेव से उम्मीद थी कि वह इस लक्ष्य का पीछा कर मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत करेगी। लेकिन सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा।
ब्रेव की शुरुआत रही धीमी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी सदर्न ब्रेव की सलामी बल्लेबाज लिजेल ली और माइया बाउचर ने टीम को शुरुआत देने की कोशिश की। दोनों ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। लिजेल ली ने 19 रन बनाए, जबकि माइया बाउचर 16 रन बनाकर आउट हुईं। दोनों के जल्दी आउट होने से ब्रेव पर रन रेट का दबाव बढ़ने लगा। सुपर जायंट्स के गेंदबाज लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे। उन्होंने ब्रेव के बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का ज्यादा मौका नहीं दिया।
लौरा वोल्वार्ड्ट ने जगाई उम्मीद
सदर्न ब्रेव की पारी को कुछ देर के लिए दक्षिण अफ्रीकी स्टार बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ड्ट ने संभाला। उन्होंने 28 गेंदों में 36 रन बनाए और अपनी टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने की कोशिश की। वोल्वार्ड्ट ने कुछ शानदार शॉट लगाए और ऐसा लगने लगा कि ब्रेव मुकाबले में वापसी कर सकती है। लेकिन सुपर जायंट्स को उनकी पारी रोकने में सफलता मिल गई। मैडी विलियर्स ने वोल्वार्ड्ट को आउट कर ब्रेव की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। इस विकेट के बाद घरेलू टीम की रन चेज की गति पूरी तरह धीमी पड़ गई।
मैडी विलियर्स की शानदार गेंदबाजी
सुपर जायंट्स की जीत में मैडी विलियर्स का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपने 20 गेंदों के निर्धारित स्पेल में सिर्फ 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। विलियर्स ने ब्रेव के मध्यक्रम पर लगातार दबाव बनाया और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकाले। उनकी किफायती गेंदबाजी के कारण सदर्न ब्रेव के बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने में परेशानी हुई। जब ब्रेव को आखिरी चरण में तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब विलियर्स की गेंदबाजी ने सुपर जायंट्स को मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखने में मदद की।

112 रन पर सिमटी सदर्न ब्रेव
सदर्न ब्रेव की टीम निर्धारित 100 गेंदों में छह विकेट खोकर सिर्फ 112 रन बना सकी। इस तरह सुपर जायंट्स ने मुकाबला 27 रन से अपने नाम कर लिया। यह हार सदर्न ब्रेव के लिए खास तौर पर निराशाजनक रही क्योंकि टीम अपने घरेलू मैदान पर इस सीजन पहली बार हारी। इससे पहले टूर्नामेंट में उसने यूटिलिटा बाउल पर बेहतर प्रदर्शन किया था। सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने जिस तरह से लक्ष्य का बचाव किया, उससे टीम के नॉकआउट अभियान को काफी मजबूती मिली है।
एलिमिनेटर की दौड़ में सुपर जायंट्स मजबूत
इस जीत के बाद मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के खाते में 18 अंक हो गए हैं। टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई है और अब उसके पास चौथे स्थान पर मौजूद सनराइजर्स लीड्स तथा पांचवें स्थान की वेल्श फायर के मुकाबले छह अंकों की बढ़त है।
इस स्थिति ने सुपर जायंट्स को नॉकआउट चरण में जगह बनाने की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। हालांकि, टूर्नामेंट के अंतिम चरण में अंक तालिका तेजी से बदल सकती है और इसलिए टीम को अपने बाकी मुकाबलों में भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ऋचा घोष की शानदार फॉर्म और गेंदबाजों का प्रभावी प्रदर्शन सुपर जायंट्स के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
रविवार को महत्वपूर्ण डबल-हेडर
द हंड्रेड में रविवार का दिन भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। महिला प्रतियोगिता में सनराइजर्स लीड्स अपने घरेलू मैदान हेडिंग्ले में वेल्श फायर की मेजबानी करेगी। इसके अलावा लंदन स्पिरिट का सामना लॉर्ड्स में बर्मिंघम फीनिक्स से होगा।
सनराइजर्स लीड्स और वेल्श फायर दोनों के लिए मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों टीमों को नॉकआउट चरण की दौड़ में बने रहने के लिए जीत की जरूरत होगी। वहीं लंदन स्पिरिट और बर्मिंघम फीनिक्स पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। पुरुषों की प्रतियोगिता में भी सनराइजर्स और वेल्श फायर अभी फाइनल की दौड़ में बने हुए हैं, जबकि लंदन स्पिरिट और बर्मिंघम फीनिक्स की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं।
सुपर जायंट्स के लिए बढ़ा आत्मविश्वास
सदर्न ब्रेव के खिलाफ 27 रन की जीत ने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को अंक तालिका में मजबूत स्थिति देने के साथ टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। ऋचा घोष की आक्रामक बल्लेबाजी, स्मृति मंधाना की उपयोगी पारी और मैडी विलियर्स की शानदार गेंदबाजी ने टीम को एक संपूर्ण प्रदर्शन दिया।
अब सुपर जायंट्स की नजर टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों पर होगी। अगर टीम इसी लय को बनाए रखने में सफल रहती है तो एलिमिनेटर में पहुंचने की उसकी उम्मीदें काफी मजबूत हो सकती हैं। दूसरी ओर सदर्न ब्रेव को इस हार से सबक लेकर अपने अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।









