रांची छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और TDPL की ED जांच पर सहमति

रांची छात्र आंदोलन के बीच 14वीं JPSC और बैकलॉग-25 परीक्षा रद्द करने का प्रस्ताव आया है। TDPL के वित्तीय लेनदेन की ED जांच पर भी सहमति बनी।

रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन जारी है। सरकार से तीसरे दौर की बातचीत में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और TDPL के वित्तीय लेनदेन की ED जांच का प्रस्ताव सामने आया।

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत जारी है। बातचीत में 14वीं JPSC और बैकलॉग-25 परीक्षा रद्द करने, परीक्षा एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच तथा उसके वित्तीय लेनदेन की ED से जांच कराने जैसे प्रस्ताव सामने आए हैं। हालांकि, अंतिम फैसला अन्य छात्र संगठनों से बातचीत के बाद होने की बात कही गई है।

रांची छात्र आंदोलन के बीच 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का प्रस्ताव

रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 16वें दिन छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां सरकार की ओर से चार मंत्रियों के दल के साथ बातचीत की जा रही है। बैठक के मद्देनजर गेस्ट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

छात्रों की मुख्य मांग परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की है। आंदोलन से जुड़े अभ्यर्थी 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं, उनकी जांच कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में भी हंगामा हुआ था।

14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने का प्रस्ताव

बातचीत के दौरान सरकार की ओर से 14वीं JPSC परीक्षा के साथ बैकलॉग-25 परीक्षा को रद्द करने का प्रस्ताव सामने आने की बात कही गई है। इसके अलावा परीक्षा आयोजन से जुड़ी एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं की भी जांच कराने की बात रखी गई है।

सरकार की ओर से यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि भविष्य में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIT-ISM, XLRI जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सुझाव लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य परीक्षा संचालन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

हालांकि, JPSC के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर में 2026 के लिए विभिन्न संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाओं की तारीखें पहले से दर्ज हैं और आयोग ने यह भी कहा है कि परिस्थितियों के अनुसार तारीखों में बदलाव किया जा सकता है।

TDPL के वित्तीय लेनदेन की ED जांच की बात

सूत्रों के अनुसार, बातचीत में परीक्षा आयोजन से जुड़ी एजेंसी TDPL के वित्तीय लेनदेन की जांच ED से कराने पर भी सहमति बनने की बात सामने आई है। साथ ही सरकार ने CID को सौंपे गए मामलों की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी करने का प्रस्ताव रखा है।

यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्रों की ओर से लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी जांच प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और समयबद्ध कार्रवाई चाहते हैं।

मांग नहीं मानी तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

छात्र संगठनों और सरकार के बीच पहले भी दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी अंतिम समाधान तक नहीं पहुंचा जा सका। अब तीसरे दौर की वार्ता के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किया जाएगा। आंदोलन में कई छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं। फिलहाल सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच चल रही बातचीत के अंतिम नतीजे पर है।

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