Maruti Suzuki India Limited के शेयरों में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद दबाव देखने को मिला। कंपनी के कमजोर ऑपरेटिंग प्रदर्शन से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिसके चलते शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
बिजनेस न्यूज़: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India Limited के शेयरों में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के कमजोर नतीजों के बाद दबाव देखने को मिला। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन में अपेक्षित मजबूती नहीं दिखने के कारण निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में बिकवाली की, जिससे शेयर करीब 2 फीसदी तक गिर गया।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों और कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है। ब्रोकरेज हाउसेस का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार और मजबूत मांग के कारण मारुति सुजुकी के शेयरों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।
Q1 FY27 के नतीजों के बाद शेयर में गिरावट
मारुति सुजुकी के शेयर शुक्रवार के बंद भाव के मुकाबले कमजोरी के साथ खुले। कंपनी का शेयर 14,300 रुपये के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 13,901 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 4.39 लाख करोड़ रुपये रहा। निवेशकों की चिंता मुख्य रूप से कंपनी के कमजोर ऑपरेटिंग मार्जिन और बढ़ती लागत को लेकर रही।
पहली तिमाही में कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी और कुछ परिचालन चुनौतियों का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ा। हालांकि, कंपनी का ऑटो सेक्टर में मजबूत बाजार हिस्सा और भविष्य की मांग को लेकर सकारात्मक उम्मीदें निवेशकों के लिए राहत की बात हैं।

ब्रोकरेज फर्मों का मारुति सुजुकी पर भरोसा कायम
मारुति सुजुकी के तिमाही नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के शेयर को लेकर अपनी राय जारी की है। अधिकांश ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा दबाव अस्थायी है और लंबे समय में कंपनी की विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, कमोडिटी कीमतों का दबाव कम होने और वाहन मांग में सुधार आने से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन बेहतर हो सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म HSBC ने मारुति सुजुकी इंडिया पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने कंपनी के शेयर के लिए 16,000 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि जून तिमाही में कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से कमोडिटी लागत बढ़ने के कारण आई थी। हालांकि, HSBC का कहना है कि मार्जिन अब निचले स्तर के करीब पहुंच चुका है और आने वाले समय में इसमें धीरे-धीरे सुधार की संभावना है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दी ‘Add’ रेटिंग
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने मारुति सुजुकी के शेयर पर ‘Add’ रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज ने इसके लिए 14,600 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। कोटक के मुताबिक, पहली तिमाही में कंपनी का EBIT अनुमान से कम रहा। इसका मुख्य कारण उम्मीद से कमजोर ग्रॉस मार्जिन रहा। इसके अलावा, सप्लायर भुगतान चक्र में बदलाव का भी कुछ असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ा। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति और बेहतर मांग के कारण आगे प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।













