मद्रास हाईकोर्ट से अमित मालवीय को राहत, बीजेपी ने की डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के इस्तीफे की मांग

मद्रास हाईकोर्ट से अमित मालवीय को राहत, बीजेपी ने की डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के इस्तीफे की मांग

बीजेपी ने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की 'सनातन धर्म' पर की गई टिप्पणियों को "तोड़-मरोड़कर पेश करने" के आरोप में पार्टी नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद द्रमुक पर निशाना साधा।

नई दिल्ली: मद्रास उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अमित मालवीय को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। यह प्राथमिकी वर्ष 2023 में तिरुचि सिटी पुलिस द्वारा दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मालवीय ने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म’ पर की गई टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर पेश किया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

अदालत की सख्त टिप्पणी

मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एस. श्रीमती ने फैसले में कहा कि उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियां ‘नफरती भाषण’ के दायरे में आती हैं। अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अक्सर नफरत फैलाने वाला बयान देने वाले व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि उस बयान पर प्रतिक्रिया देने वाले को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। न्यायालय ने इसे कानून के दुरुपयोग का मामला बताया और इसी आधार पर अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया।

बीजेपी का द्रमुक पर सीधा हमला

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला न केवल न्याय की जीत है, बल्कि द्रमुक की कथित ‘हिंदू विरोधी सोच’ पर भी सवाल खड़े करता है। बीजेपी ने मांग की है कि उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को उनके पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ नफरती भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज किया जाए।

केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी के प्रभारी पीयूष गोयल ने इस फैसले को द्रमुक के लिए ‘कड़ा तमाचा’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अदालत ने साफ कर दिया है कि नफरती भाषण पर सवाल उठाना या उसका जवाब देना अपराध नहीं है। गोयल ने इसे विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की विचारधारा के लिए भी झटका करार दिया और कहा कि सत्य को दबाया नहीं जा सकता।

उदयनिधि के पद पर बने रहने पर सवाल

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर द्रमुक सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद उदयनिधि स्टालिन के उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक औचित्य नहीं बचता। पूनावाला ने आरोप लगाया कि अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर सिर्फ इसलिए दर्ज कराई गई थी ताकि सोशल मीडिया पर सच बोलने वालों को डराया और चुप कराया जा सके।

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब उदयनिधि स्टालिन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ‘सनातन धर्म’ को सामाजिक समानता और न्याय के खिलाफ बताते हुए उसे समाप्त करने की बात कही थी। उन्होंने इसकी तुलना कोरोना, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से की थी। इस बयान के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अमित मालवीय ने उदयनिधि की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

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