मेरठ में 22 फरवरी से मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से शहर का ट्रैफिक दबाव घटेगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित सफर मिलेगा।
Meerut Metro: मेरठ के लोगों के लिए आने वाला 22 फरवरी का दिन बेहद खास होने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद शहर को आधुनिक मेरठ मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन दिल्ली मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बचे हुए हिस्से के साथ साथ मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मेरठ मेट्रो की शुरुआत होते ही शहर की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। रोजमर्रा के सफर में लगने वाला समय कम होगा, ट्रैफिक का दबाव घटेगा और लोगों को एक सुरक्षित व तेज पब्लिक ट्रांसपोर्ट (public transport) मिलेगा।
23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की पूरी जानकारी
मेरठ मेट्रो का पहला चरण मोदीपुरम से मेरठ दक्षिण तक तैयार किया गया है। यह पूरा कॉरिडोर करीब 23 किलोमीटर लंबा है। इसकी शुरुआत मोदीपुरम डिपो स्टेशन से होगी और अंतिम स्टेशन मेरठ साउथ होगा। इस पूरे रूट पर कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं, जो शहर के प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेंगे।
यह प्रोजेक्ट साल 2019 में शुरू हुआ था और अब लगभग सात साल बाद यात्रियों के लिए तैयार है। इसे मेरठ के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) अपग्रेड माना जा रहा है।
नमो भारत के साथ सीधा कनेक्शन
मेरठ मेट्रो की सबसे खास बात यह है कि यह नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर ही चलेगी। यानी दोनों ट्रेनों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा। मेट्रो अपने सफर के दौरान उन स्टेशनों पर भी रुकेगी, जहां नमो भारत के लिए स्टेशन बनाए गए हैं।
हालांकि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नमो भारत और मेरठ मेट्रो के लिए इन स्टेशनों पर अलग अलग प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। इससे भीड़ का प्रबंधन आसान होगा।
जो यात्री मोदीपुरम या मेरठ के अन्य हिस्सों से सीधे दिल्ली जाना चाहते हैं, वे मेरठ साउथ स्टेशन पर उतरकर नमो भारत ट्रेन में सफर कर सकेंगे। यह कनेक्टिविटी (connectivity) रोजाना अप डाउन करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
मेरठ मेट्रो के 13 स्टेशन कौन से हैं
मोदीपुरम डिपो से चलने वाली मेरठ मेट्रो सबसे पहले मोदीपुरम स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद यह क्रमशः मेरठ उत्तर, दौरली, एमईएस कॉलोनी, बेगमपुल, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, शताब्दी नगर, रिठानी, परतापुर होते हुए मेरठ साउथ स्टेशन तक जाएगी।

इनमें से मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दी नगर और मेरठ साउथ ऐसे स्टेशन हैं, जहां नमो भारत ट्रेन भी रुकेगी। इन स्टेशनों को खास तौर पर इंटरचेंज (interchange) के रूप में विकसित किया गया है।
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
मेरठ मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह रफ्तार इसे उत्तर प्रदेश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में शामिल करती है। तेज रफ्तार का मतलब यह है कि यात्रियों का समय बचेगा और लंबी दूरी भी कम समय में तय हो सकेगी।
एक मेट्रो ट्रेन में करीब 700 यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे। पीक आवर्स में भीड़ को संभालने के लिए ट्रेनों का अंतराल केवल 7 मिनट रखा गया है। यानी यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
समय सारिणी और संचालन की व्यवस्था
मेरठ मेट्रो सोमवार से शनिवार तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। रविवार को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवाएं सुबह 8 बजे से शुरू होंगी और रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।
इस तरह ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों सभी के लिए समय तय किया गया है। भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर टाइमिंग (timing) और फ्रीक्वेंसी (frequency) में बदलाव भी किया जा सकता है।
यात्रियों के लिए खास सुविधाएं
मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पीने के साफ पानी की व्यवस्था, वॉशरूम और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी मददगार होंगी।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रशिक्षित स्टाफ हर समय यात्रियों की मदद के लिए मौजूद रहेगा।
दूसरा चरण भी जल्द शुरू होगा
मेरठ मेट्रो का यह पहला चरण है। इसके सफल संचालन के बाद दूसरे चरण में करीब 13 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम शुरू किया जाएगा। इससे शहर के और भी इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद मेरठ की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
उत्तर प्रदेश का छठा मेट्रो शहर
मेरठ मेट्रो की शुरुआत के साथ ही मेरठ उत्तर प्रदेश का छठा ऐसा शहर बन जाएगा, जहां मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। इससे पहले लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद में मेट्रो सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
NCRTC की बड़ी उपलब्धि
मेरठ मेट्रो प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने तैयार किया है। यह वही संस्था है जो दिल्ली मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को भी विकसित कर रही है। नमो भारत और मेट्रो को एक ही ट्रैक पर चलाने का मॉडल देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर लागू किया गया है। यह भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।










