स्कॉटलैंड की मेगन कीथ ने कॉमनवेल्थ गेम्स की महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता। खास पल तब बना जब 100 वर्षीय उनके दादा डॉ. मरे किर्कवुड स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने पोती की सफलता देखी।
CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में स्कॉटलैंड की धावक मेगन कीथ ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपने करियर का यादगार पल हासिल किया। खास बात यह रही कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्होंने अपने 100 वर्षीय दादा डॉ. मरे किर्कवुड की मौजूदगी में हासिल की, जो इस खास मौके को देखने के लिए स्टेडियम पहुंचे थे। मेगन के दादा के लिए इस उम्र में कॉमनवेल्थ गेम्स देखना खुद एक बड़ा सपना था। उन्होंने अपने जीवन के दो लक्ष्य तय किए थे—100 साल की उम्र तक पहुंचना और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पोती को खेलते देखना। उन्होंने दोनों सपने पूरे किए और अपनी आंखों के सामने मेगन को पोडियम पर पहुंचते देखा।
100 साल के दादा के सामने मेगन का ऐतिहासिक प्रदर्शन
डॉ. मरे किर्कवुड स्कॉटलैंड के खेल प्रेमियों के बीच पहले से ही लोकप्रिय हैं। वे ग्लासगो वॉरियर्स रग्बी टीम के बड़े प्रशंसक हैं। मार्च में उन्होंने ग्लासगो वॉरियर्स और बेनेटन के बीच मुकाबले से पहले मैच बॉल पहुंचाई थी, जो उनके लिए बेहद खास अनुभव था। मेगन कीथ ने कहा कि उनके दादा एक असाधारण इंसान हैं और उन्होंने इस मुकाबले के लिए काफी मेहनत की। उन्होंने उम्मीद जताई कि कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने का यह पल उनके दादा के जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल होगा। मेगन ने कहा, "वह मेरे हर प्रदर्शन पर गर्व करते हैं, लेकिन उनके सामने ऐसा प्रदर्शन करना मेरे लिए बेहद खास है, जिस पर मैं खुद भी गर्व कर सकूं।"
10,000 मीटर की निराशा के बाद शानदार वापसी
मेगन कीथ के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का सफर आसान नहीं रहा। वह महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में अपनी उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाई थीं और नौवें स्थान पर रही थीं। उन्होंने बताया कि 10,000 मीटर में पदक की उम्मीदों को लेकर बना दबाव उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा था। लोगों के बीच यह चर्चा थी कि क्या मेगन पदक जीत पाएंगी। हालांकि, 5000 मीटर दौड़ में उन्होंने इस दबाव को पीछे छोड़ते हुए शानदार वापसी की। मेगन ने कहा कि 5000 मीटर में उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं, जिससे उन्हें खुलकर दौड़ने का मौका मिला। उन्होंने अपनी रणनीति पर भरोसा किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम स्थान हासिल किया।

आखिरी चार लैप में बदली रेस की तस्वीर
5000 मीटर फाइनल में मेगन ने शुरुआत में धैर्य बनाए रखा। वह भीड़ के बीच अपनी जगह बनाकर दौड़ती रहीं और सही समय का इंतजार करती रहीं। रेस के आखिरी चार लैप में उन्होंने अपनी गति बढ़ाई और केन्या तथा युगांडा की शुरुआती तेज धावकों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ीं। अंतिम चरण में उन्होंने खुद को पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की दो शानदार धाविकाएं रोज डेविस और जेसिका हल ने अंतिम लैप में अपनी गति बढ़ा दी।
डेविस, जो पहले ही इन खेलों में 10 किलोमीटर स्पर्धा में गोल्ड जीत चुकी थीं, और ओलंपिक 1500 मीटर सिल्वर मेडलिस्ट जेसिका हल ने शीर्ष स्थान के लिए कड़ा मुकाबला किया। इस बीच स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का ध्यान मेगन पर भी था। अंतिम कुछ मीटर में स्कॉटलैंड के समर्थकों ने उनका जोरदार उत्साह बढ़ाया और मेगन ने सुरक्षित तरीके से फिनिश लाइन पार करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
मेडल जीतने के बाद दादा को खोजने पहुंचीं मेगन
मेडल जीतने के बाद मेगन ने स्कॉटलैंड का झंडा अपने कंधों पर लिया और साथी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसके बाद वह तुरंत अपने 100 वर्षीय दादा को खोजने के लिए स्टेडियम में वापस गईं। कुछ समय बाद दोनों की मुलाकात हुई और मेगन ने अपने दादा को गले लगाया। यह भावुक पल कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे यादगार दृश्यों में शामिल हो गया। मेगन ने कहा कि अब वह अपने दादा से इस शानदार अनुभव के बारे में विस्तार से बात करना चाहती हैं और उनका फैसला जानना चाहती हैं कि क्या यह पल उनके पिछले सभी अनुभवों से बेहतर था।
स्कॉटलैंड के लिए गर्व का क्षण
मेगन कीथ का ब्रॉन्ज मेडल सिर्फ एक खेल उपलब्धि नहीं बल्कि परिवार और खेल भावना का शानदार उदाहरण बन गया। एक ओर जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्कॉटलैंड का नाम रोशन किया, वहीं दूसरी ओर अपने 100 वर्षीय दादा को जीवन का एक अनमोल अनुभव दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर घरेलू दर्शकों के सामने प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए दबाव भरा होता है। लेकिन मेगन ने उम्मीदों के बोझ को पीछे छोड़ते हुए साहसिक दौड़ लगाई और अपने करियर की यादगार उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ दिया।









