संसद का मानसून सत्र शुक्रवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर चर्चा और कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अब संसद की अगली कार्यवाही 3 अगस्त को शुरू होगी।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को एक बार फिर विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित हुआ। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद दोनों सदनों की बैठक को स्थगित कर दिया गया। अब संसद की अगली कार्यवाही 3 अगस्त को शुरू होगी।
शुक्रवार को संसद में कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध के कारण इन पर आगे की कार्रवाई नहीं हो पाई। सरकार की ओर से कई अहम विधेयकों को सदन में पेश करने और उन पर चर्चा कराने की तैयारी थी।
लोकसभा में इन विधेयकों पर होनी थी चर्चा
लोकसभा की कार्यवाही में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ और ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा और मतदान होना था। केंद्र सरकार की योजना थी कि इन विधेयकों पर सदन में विस्तार से चर्चा कराई जाए और इसके बाद इन्हें पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, विपक्षी सदस्यों के विरोध के कारण कार्यवाही बाधित रही।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करना था। यह विधेयक जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में बदलाव से संबंधित है। सरकार का उद्देश्य जन्म और मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक आधुनिक और डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना बताया जा रहा है। हालांकि, हंगामे के चलते विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी।

राज्यसभा में भी नहीं चल सका कामकाज
राज्यसभा में शुक्रवार को ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा प्रस्तावित थी। यह विधेयक देश के एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जो रोजगार और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन उच्च सदन में भी विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध जारी रखा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। सभापति की ओर से सदन को व्यवस्थित करने की अपील की गई, लेकिन हंगामा जारी रहने के बाद कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया गया।
मानसून सत्र में लगातार बढ़ रहा गतिरोध
संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। संसदीय कार्यवाही में बार-बार व्यवधान के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। सरकार का कहना है कि संसद में रचनात्मक बहस होनी चाहिए, जबकि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहा है।
शुक्रवार की कार्यवाही स्थगित होने के बाद अब लोकसभा और राज्यसभा की अगली बैठक 3 अगस्त को होगी। उम्मीद है कि उस दिन लंबित विधेयकों पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी।











