Meta का नया अपडेट! अब पेरेंट्स रख पाएंगे बच्चों के अकाउंट पर नजर, जानें पैरेंटल कंट्रोल्स में क्या है नया

Meta का नया अपडेट! अब पेरेंट्स रख पाएंगे बच्चों के अकाउंट पर नजर, जानें पैरेंटल कंट्रोल्स में क्या है नया

सोशल मीडिया कंपनी Meta ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म्स पर नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स पेश किए हैं। अब माता-पिता अपने बच्चों की AI चैट्स पर सीमित निगरानी रख सकेंगे और अनुचित कंटेंट से उन्हें बचा सकेंगे। कंपनी ने Instagram पर भी टीन यूज़र्स के लिए PG-13 लेवल का कंटेंट डिफॉल्ट रूप से सीमित कर दिया है।

Meta New Features: सोशल मीडिया कंपनी Meta ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने प्लेटफॉर्म्स पर बड़े बदलावों की घोषणा की है। आने वाले साल की शुरुआत से माता-पिता को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपने बच्चों के AI चैटबॉट्स के साथ निजी चैट्स को बंद कर सकें। साथ ही, Instagram पर अब टीन यूज़र्स के लिए PG-13 स्तर का कंटेंट डिफॉल्ट रूप से सीमित रहेगा। यह क

AI चैट पर अब पेरेंट्स का रहेगा कंट्रोल

सोशल मीडिया कंपनी Meta ने बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म्स पर नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स लॉन्च किए हैं। आने वाले साल की शुरुआत से माता-पिता को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपने बच्चों के AI चैटबॉट्स के साथ निजी चैट्स को बंद (Disable) कर सकें। हालांकि, Meta का AI असिस्टेंट पूरी तरह से बंद नहीं होगा, बल्कि यह केवल शैक्षणिक और उपयोगी जानकारी देने तक सीमित रहेगा।

कंपनी का कहना है कि बच्चों के लिए मौजूद AI फीचर्स में पहले से ही उम्र-आधारित सुरक्षा फिल्टर्स लगाए गए हैं। ये बदलाव ऐसे समय में किए जा रहे हैं जब Meta पर बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Instagram पर सख्त होंगे कंटेंट नियम

Meta ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म Instagram पर भी टीन यूज़र्स के लिए कंटेंट नियम कड़े कर दिए हैं। अब किशोरों के अकाउंट्स पर PG-13 लेवल का कंटेंट डिफॉल्ट रूप से सीमित रहेगा। इसका मतलब है कि टीन यूजर्स अब केवल वही फोटो और वीडियो देख पाएंगे जो परिवार-उन्मुख और सुरक्षित हों।

नए नियमों के तहत, ऐसे कंटेंट जिनमें नग्नता, ड्रग्स का इस्तेमाल या खतरनाक स्टंट्स दिखाए गए हों, वे स्वचालित रूप से फ़िल्टर कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, बच्चे अपने अकाउंट की ये सेटिंग्स माता-पिता की अनुमति के बिना नहीं बदल सकेंगे।

चैटबॉट्स पर मिलेगी सीमित निगरानी की सुविधा

Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई माता-पिता सभी चैट्स बंद नहीं करना चाहते, तो वे किसी विशेष AI चैटबॉट को ब्लॉक करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके साथ ही, अब पेरेंट्स को यह जानकारी भी मिल सकेगी कि उनके बच्चे AI कैरेक्टर्स से किस तरह की बातचीत कर रहे हैं।

हालांकि, कंपनी ने यह सुनिश्चित किया है कि माता-पिता को पूरी चैट हिस्ट्री का एक्सेस नहीं दिया जाएगा, ताकि बच्चों की प्राइवेसी बनी रहे। इस कदम का मकसद सुरक्षा और गोपनीयता के बीच संतुलन बनाए रखना है।

रिपोर्ट्स में सामने आए AI चैट्स के बढ़ते उपयोग के आंकड़े

हालिया Common Sense Media रिपोर्ट के अनुसार, करीब 70% किशोर अब AI चैटबॉट्स का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें से आधे नियमित रूप से इनसे बातचीत करते हैं। इन चैट्स के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए Meta ने PG-13 गाइडलाइन को अब AI चैट्स पर भी लागू करने का फैसला लिया है।

कई विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए बनाए गए चैटबॉट्स में शैक्षणिक उपयोग की संभावना तो है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और गोपनीयता के खतरे भी बढ़ते हैं। Meta का यह कदम इन चिंताओं को दूर करने की दिशा में देखा जा रहा है।

संगठनों ने उठाए सवाल

बच्चों की सुरक्षा पर काम करने वाले कुछ संगठनों ने Meta के इन नए फीचर्स पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भले ही कंपनी ने कई सुरक्षा फिल्टर जोड़े हों, लेकिन AI चैट्स के दीर्घकालिक प्रभाव और बच्चों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

इस पर Meta ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और आने वाले समय में यूज़र्स और एक्सपर्ट्स की फीडबैक के आधार पर इन पैरेंटल कंट्रोल्स को और बेहतर बनाया जाएगा।

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