पश्चिम एशिया तनाव के चलते आयात महंगा हुआ और घरेलू मेटल कंपनियों को फायदा मिला। स्टील में Jindal Steel, SAIL और नॉन-फेरस में Vedanta टॉप पिक बनकर उभरी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनिंदा मेटल शेयर निवेशकों के लिए अवसर हैं।
Metal Stocks: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सीधे भारतीय मेटल सेक्टर पर दिखने लगा है। इस क्षेत्र में प्रमुख ट्रेड रूट प्रभावित होने और फ्रेट कॉस्ट बढ़ने से आयात महंगा हो गया है। इसका सीधा फायदा घरेलू स्टील और एल्युमिनियम कंपनियों को मिल रहा है। ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल का कहना है कि वैश्विक सप्लाई चेन में उत्पन्न संकट ने भारतीय मेटल कंपनियों के लिए अवसर पैदा किया है। इस माहौल में कुछ चुनिंदा मेटल शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक बन रहे हैं।
इक्विटी निवेश की नजर से देखा जाए तो जिंदल स्टील (Jindal Steel) और SAIL स्टील सेगमेंट में पसंदीदा शेयर हैं। वहीं नॉन-फेरस सेक्टर में वेदांत (Vedanta) टॉप पिक के रूप में उभरा है। इन कंपनियों को हाल की कीमतों में तेजी और संभावित बढ़त के आधार पर ब्रोकरेज ने चुना है।
सप्लाई चेन पर तनाव, कीमतों में तेजी
एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया तनाव के चलते कई व्यापारिक रूट प्रभावित हैं। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है और आयात महंगा हो गया है। इसका असर घरेलू स्टील कीमतों और कंपनियों के रियलाइजेशन में नजर आ रहा है। हालांकि नजदीकी भविष्य में सप्लाई रिस्क सीमित माना जा रहा है, लेकिन अगर यह तनाव लंबा चलता है तो पश्चिम एशिया से स्टील सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में सप्लाई में कटौती और कच्चे माल की सीमित उपलब्धता के कारण एल्युमिनियम की कीमतें USD 3,200–3,500 प्रति टन के स्तर पर बनी रह सकती हैं। अगर व्यापारिक रूट में रुकावट जारी रहती है तो इसमें और तेजी की संभावना है।
तेल और गैस (O&G) की बढ़ती कीमतों ने थर्मल कोल की मांग बढ़ा दी है। इससे कोयले की कीमतों में तेजी आई है और आयात की प्रतिस्पर्धा कम हो गई है। इस तरह घरेलू मेटल कंपनियों की मार्जिन स्थिति मजबूत बनी हुई है।
स्टील कंपनियों को बड़ा फायदा
पश्चिम एशिया संकट के कारण शिपिंग रूट बाधित हुए हैं और आयातित स्टील महंगा हो गया है। इसका सीधा फायदा घरेलू स्टील कंपनियों को मिल रहा है। HRC और रिबार की कीमतों में ₹1,000–₹3,500 प्रति टन तक बढ़ोतरी हुई है।
साल की शुरुआत से HRC कीमतें लगभग 16% और रिबार कीमतें 22% बढ़ चुकी हैं। इसका सीधा असर कंपनियों की कमाई और मार्जिन पर पड़ा है। एमके ग्लोबल का कहना है कि SAIL और Jindal Steel को हाल की कीमत बढ़ोतरी से फायदा मिलेगा और Q4 रिजल्ट बेहतर हो सकते हैं।
हालांकि अगर संघर्ष लंबा चलता है तो कोकिंग कोल की लागत बढ़ सकती है, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन फिलहाल घरेलू स्टील कंपनियों की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
एल्युमिनियम में सप्लाई संकट
पश्चिम एशिया ग्लोबल एल्युमिनियम सप्लाई का लगभग 8–9% हिस्सा देता है। तनाव के चलते Aluminium Bahrain का 300kt और Qatalum का 260kt उत्पादन घट गया है। कुल मिलाकर करीब 1% वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है।
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इसके अलावा कच्चे माल जैसे अलुमिना और बॉक्साइट की कमी और सीमित स्टॉक के कारण सप्लाई और प्रभावित हो सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY27 में एल्युमिनियम कीमतें USD 3,200–3,500 प्रति टन के बीच रह सकती हैं। अगर संकट बढ़ता है तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।
थर्मल कोल की मांग में बढ़ोतरी
ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण थर्मल कोल की मांग बढ़ी है। ऑस्ट्रेलियन कोल की कीमत लगभग 18% बढ़कर USD 136 प्रति टन हो गई है। इससे Coal India (CIL) की मांग और कीमतों में सुधार होने की संभावना है। आयात महंगा होने से घरेलू कोल कंपनियों को फायदा मिल रहा है और सप्लाई प्रतिस्पर्धा कमजोर हुई है।
ब्रोकरेज के टॉप स्टॉक पिक
एमके ग्लोबल ने मेटल सेक्टर में कुछ चुनिंदा शेयरों को निवेश के लिहाज से टॉप पिक के रूप में चुना है।
Ferrous (स्टील सेक्टर)
- TATA – BUY, TP ₹230
- JSTL – ADD, TP ₹1,300
- JINDALST – ADD, TP ₹1,125
- SAIL – BUY, TP ₹200
Non-Ferrous (एल्युमिनियम और अन्य)
- HINDL – BUY, TP ₹1,050
- VEDL – BUY, TP ₹850
- NACL – BUY, TP ₹390
- Mining और Recycling
- COAL – ADD, TP ₹450
Graphite Electrode
- GRIL – BUY, TP ₹750
- HEG – BUY, TP ₹750
ब्रोकरेज का मानना है कि इन चुनिंदा स्टॉक्स में निवेश से शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म में बेहतर कमाई के अवसर मौजूद हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव
बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन मेटल सेक्टर के सही शेयरों में निवेश से रिटर्न अच्छा मिल सकता है। स्टील कंपनियों को हाल की कीमत बढ़ोतरी का सीधा फायदा मिल रहा है। एल्युमिनियम और कोल में सप्लाई-संकट के चलते कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश फैसले से पहले मार्केट की वर्तमान स्थिति, कंपनियों की वित्तीय मजबूती और सप्लाई-डिमांड की स्थिति को ध्यान में रखें। मेटल सेक्टर में चुनिंदा स्टॉक्स में अवसर हैं, लेकिन जोखिम भी मौजूद है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सलाह ब्रोकरेज द्वारा दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)









